
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अपनी महत्वाकांक्षी ‘कौशल सतरंग योजना’ को नई रफ्तार दी है, इस योजना के माध्यम से प्रदेश के लाखों युवाओं की किस्मत चमकने वाली है, क्योंकि सरकार न केवल उन्हें आधुनिक उद्योगों के अनुसार मुफ्त स्किल ट्रेनिंग दे रही है, बल्कि रोजगार और स्वरोजगार के द्वार भी खोल रही है।
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7 योजनाओं का संगम: हर हाथ को मिलेगा काम
कौशल सतरंग योजना कोई एक अकेली योजना नहीं, बल्कि सात अलग-अलग विशेष कार्यक्रमों का एक समूह है, इसमें मुख्यमंत्री युवा हब के तहत ₹1,200 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है, ताकि युवाओं को स्टार्टअप के लिए मदद मिल सके, वहीं, मुख्यमंत्री शिक्षुता (Apprenticeship) प्रोत्साहन योजना के तहत ट्रेनिंग लेने वाले युवाओं को हर महीने ₹2,500 का स्टाइपेंड सीधे उनके बैंक खातों में भेजा जा रहा है।
प्रमुख लाभ और विशेषताएं
- मुफ्त कौशल प्रशिक्षण: युवाओं को उनकी रुचि के अनुसार कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक्स, रिटेल और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में फ्री ट्रेनिंग।
- घर के पास रोजगार: तहसील स्तर पर कौशल केंद्रों की स्थापना की गई है ताकि ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण के लिए शहर न भागना पड़े।
- अनुभव का सम्मान (RPL): ऐसे कारीगर जिनके पास हुनर तो है पर सर्टिफिकेट नहीं, उन्हें सरकार आधिकारिक प्रमाण पत्र प्रदान कर रही है।
- मेगा जॉब फेयर: हर जिले के सेवायोजन कार्यालयों में नियमित रोजगार मेलों का आयोजन कर बड़ी कंपनियों में प्लेसमेंट कराया जा रहा है।
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कौन उठा सकता है लाभ?
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है, आयु सीमा 14 से 35 वर्ष के बीच रखी गई है, आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक और शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेजों की आवश्यकता होगी।
कैसे करें आवेदन?
इच्छुक अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपना ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं। इसके अलावा, राज्य के Sewayojan Portal के माध्यम से भी रोजगार मेलों और नौकरियों की जानकारी ली जा सकती है।
















