मुंबई महानगर में रोजमर्रा का सबसे बड़ा संघर्ष है ट्रैफिक जाम। ठाणे के निवासियों के लिए नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचना तो दूर की बात, कई बार घंटों लेट होने का सबब बन जाता है। लेकिन अब यह समस्या जड़ से खत्म होने वाली है। राज्य सरकार ने ठाणे से एयरपोर्ट तक 25 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड को हरी झंडी दिखा दी है। पहले जहां 90 मिनट लगते थे, अब सिर्फ 30 से 45 मिनट में मंजिल पर पहुंच जाएंगे। यह सड़क न केवल समय बचेगी, बल्कि ईंधन और तनाव दोनों की बचत करेगी।

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रूट का पूरा खाका
यह सड़क ठाणे के धन निरंकारी चौक से पटनी मैदान शुरू होगी। वहां से ठाणे-बेलापुर रोड के ठीक ऊपर से गुजरते हुए करीब 17 किलोमीटर वाशी तक चलेगी। इसके बाद वाशी के पाम बीच रोड से एयरपोर्ट तक का 9 किलोमीटर हिस्सा डबल डेकर डिजाइन में बनेगा। कुल मिलाकर 6 लेन वाली यह सड़क 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार संभालेगी। रास्ते में छह बड़े इंटरचेंज होंगे, जिनमें कोपरी-पाटनी ब्रिज, ऐरोली-घनसोली, घाटकोपर-कोपरखैरने, सायन-पनवेल हाईवे, पाम बीच रोड और उलवे कोस्टल रोड शामिल हैं। इनसे आसपास के इलाकों को आसान एंट्री मिलेगी, बिना किसी रुकावट के।
लागत और निर्माण की रूपरेखा
परियोजना पर 6,400 से 8,000 करोड़ रुपये तक का खर्च आएगा। सिटी एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन इसे पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत बनाएगा। अगले छह महीनों में जमीन अधिग्रहण, पर्यावरण मंजूरी और विशेषज्ञों की नियुक्ति हो जाएगी। तीन साल के भीतर पूरा निर्माण लक्ष्य है। सड़क के नीचे खाली जगह का व्यावसायिक इस्तेमाल भी मंजूर हुआ है, जो प्रोजेक्ट को आत्मनिर्भर बनाएगा। हालांकि मैंग्रोव क्षेत्र और शहरी घनत्व जैसी चुनौतियां हैं, लेकिन कोर्ट मंजूरी से रास्ता साफ हो चुका है।
यात्रियों को क्या फायदा
ठाणे, कल्याण, डोंबिवली, मीरा भायंदर और बदलापुर के लाखों लोग सीधे लाभान्वित होंगे। सालाना 20 लाख से बढ़कर 90 लाख तक यात्री इस सड़क का इस्तेमाल करेंगे। नवी मुंबई एयरपोर्ट, जो जल्द ही पूर्ण रूप से चालू हो चुका है, भारत का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बनेगा। पहले मुंबई के पुराने एयरपोर्ट की भीड़ से परेशान यात्रियों को अब तेज विकल्प मिलेगा। ट्रैफिक कम होने से प्रदूषण घटेगा, लॉजिस्टिक्स तेज होगा और व्यापार को गति मिलेगी। रियल एस्टेट में भी उछाल आएगा, क्योंकि संपत्ति मूल्य 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ सकते हैं। स्थानीय रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
टोल और संभावित परेशानियां
एक तरफा टोल करीब 350 रुपये तय है, जो समय के साथ बढ़ सकता है। कुछ लोग इसे महंगा मान रहे हैं, लेकिन 60 मिनट की बचत इसे सही ठहराती है। पर्यावरण और जमीन विवाद अभी भी नजरअंदाज नहीं किए जा सकते। फिर भी विशेषज्ञ इसे मुंबई मेट्रो क्षेत्र की कनेक्टिविटी क्रांति का हिस्सा बता रहे हैं। उलवे और खारघार कोस्टल रोड जैसी अन्य परियोजनाएं इसे और मजबूत करेंगी।
यह एलिवेटेड रोड महानगर को नई गति देगी। अब फ्लाइट मिस होने का डर नहीं रहेगा, सिर्फ सुगम यात्रा का भरोसा होगा। विकास की यह राह मुंबई को विश्व स्तरीय शहर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।















