
सोने की चमक इन दिनों वैश्विक अर्थव्यवस्था में भी छा रही है। पिछले साल से सोने की कीमतें 48 प्रतिशत उछलकर 3896 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। इसका प्रमुख कारण सेंट्रल बैंकों की भारी खरीदारी है, जैसा कि वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) ने अपनी रिपोर्ट में बताया। भारत का रिजर्व बैंक (RBI) भी इस रेस में पीछे नहीं है। FY26 में RBI के सोने के भंडार का मूल्य 31 अरब डॉलर बढ़कर 108 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो कुल फॉरेक्स रिजर्व का 16 प्रतिशत है।
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सोने की कीमतों में उछाल
विश्व स्तर पर सेंट्रल बैंकों के पास कुल 36,359 टन सोना मौजूद है। WGC की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका टॉप पर है 8,133.5 टन के साथ। जर्मनी (3,350.3 टन), IMF (2,814 टन), इटली (2,451.8 टन) और फ्रांस (2,437 टन) अगले स्थानों पर हैं। भारत अगस्त 2025 तक 888 टन के साथ नौवें स्थान पर था, जो जापान (846 टन, दसवां) से आगे है। RBI के पास सितंबर 2025 तक 880.8 टन सोना है – 575.8 टन भारत में और 290.3 टन विदेशी बैंकों में। फरवरी 2026 तक इसका मूल्य 123 अरब डॉलर के करीब पहुंचा, हालांकि हालिया गिरावट से 112.83 अरब डॉलर पर आ गया।
वैश्विक टॉप देशों की रैंकिंग
| रैंक | देश | गोल्ड होल्डिंग (टन) |
|---|---|---|
| 1 | अमेरिका | 8,133.5 |
| 2 | जर्मनी | 3,350.3 |
| 3 | IMF | 2,814 |
| 4 | इटली | 2,451.8 |
| 5 | फ्रांस | 2,437 |
| 9 | भारत | 880.8-888 |
RBI भंडार वृद्धि के कारण
RBI का सोना भंडार क्यों बढ़ा? इसका जवाब है रणनीतिक खरीदारी और वैश्विक कीमतों का उछाल। 2025 में RBI ने 64 टन सोना खरीदा और मार्च 2023 से 274 टन को भारत वापस लाया (ऑनशोरिंग)। सोने की कीमत 4,251 डॉलर प्रति औंस तक पहुंची, जिससे मूल्य में भारी इजाफा हुआ। WGC के अनुसार, सेंट्रल बैंक डॉलर की अस्थिरता, ब्याज दर जोखिम और भू-राजनीतिक तनाव से बचाव के लिए सोना जमा रहे हैं। भारत ने 2025 में जनवरी (2.8 टन), मार्च (0.6 टन) और जून (0.4 टन) में कुल 3.8 टन जोड़ा। अन्य देशों में कजाकिस्तान ने 8 टन, चीन ने 2 टन और बुल्गारिया ने 2 टन खरीदा।
हालिया फॉरेक्स अपडेट
फरवरी 2026 के अपडेट चिंता जगाते हैं। फॉरेक्स रिजर्व 717 अरब डॉलर पर सिमट गया, जिसमें सोने का मूल्य 14 अरब डॉलर गिरा। RBI अब ऊंची कीमतों के कारण सतर्क है। फिर भी, यह भंडार रुपये की स्थिरता और 11+ महीने के आयात कवरेज सुनिश्चित करता है। WGC की अगस्त रिपोर्ट में वैश्विक स्तर पर 15 टन का इजाफा हुआ। एशिया में भारत और चीन जैसे देश सोने को विविधीकरण का हथियार बना रहे हैं।
निवेशकों के लिए सुनहरा अवसर
निवेशकों के लिए सोना अभी भी सुनहरा अवसर है। RBI की यह रणनीति न केवल आर्थिक सुरक्षा बढ़ाती है, बल्कि वैश्विक पटल पर भारत की साख मजबूत करती है। जैसे-जैसे सेंट्रल बैंक खरीदारी जारी रखेंगे, सोने की चमक और तेज होगी।
















