
भारत के डिजिटल पेमेंट क्षेत्र में बड़ा धमाका होने वाला है। Apple Pay, जो दुनिया भर में 89 देशों में लोकप्रिय है, इस साल के अंत तक भारत में लॉन्च हो सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Apple ICICI, HDFC और Axis बैंक जैसे प्रमुख बैंकों के साथ गुप्त बातचीत में जुटा है, ताकि UPI इंटीग्रेशन के साथ अपनी सर्विस शुरू कर सके। हालांकि, RBI और NPCI की नियामक मंजूरी मिलना अभी बाकी है। यह खबर Google Pay और PhonePe जैसी UPI दिग्गजों के लिए चुनौती बन गई है, क्योंकि Apple का ‘टैप-टू-पे’ फीचर iPhone यूजर्स को एक नया प्रीमियम एक्सपीरियंस देगा।
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Apple की भारत में बढ़ती पैठ
Apple की भारत में बढ़ती पैठ इसका बड़ा सबूत है। IDC के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2025 तिमाही में कंपनी ने देश में रिकॉर्ड 50 लाख iPhone यूनिट्स की बिक्री की, जो अब तक की सबसे ज्यादा है। पिछले कुछ सालों में Apple ने मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स बढ़ाईं और लोकल प्रोडक्शन पर फोकस किया, जिससे iPhone यूजर्स की संख्या तेजी से बढ़ी है।
अब Apple Pay का आगमन कंपनी के ईकोसिस्टम को मजबूत करेगा- iPhone, Apple Watch और अन्य डिवाइसेज पर NFC-बेस्ड कॉन्टैक्टलेस पेमेंट संभव हो जाएगा। यूजर्स क्रेडिट/डेबिट कार्ड्स को Apple Wallet में सेव कर Face ID या Touch ID से बिना PIN के पेमेंट कर सकेंगे। यह फीचर अभी तक भारतीय iPhone यूजर्स के लिए अनुपलब्ध था, जो UPI QR कोड स्कैनिंग पर निर्भर थे।
Google Pay-PhonePe से टक्कर
भारत का UPI बाजार दुनिया का सबसे बड़ा है, जहां 80% से ज्यादा डिजिटल ट्रांजेक्शन PhonePe (लगभग 48% मार्केट शेयर), Google Pay (36%) और Paytm जैसे ऐप्स से होते हैं। ये ऐप्स मुफ्त हैं, एंड्रॉयड-iOS दोनों पर चलते हैं और QR/मोबाइल नंबर से तुरंत पेमेंट देते हैं। Apple Pay सिर्फ Apple डिवाइसेज (करीब 10-15% स्मार्टफोन मार्केट) तक सीमित रहेगा, इसलिए बड़े पैमाने पर UPI ऐप्स को हिलाने की क्षमता कम है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि Apple Pay UPI नियमों का पालन करेगा और Visa/Mastercard जैसे कार्ड नेटवर्क्स के साथ इंटीग्रेट होगा। हालांकि, ट्रांजेक्शन पर फीस लग सकती है, जो मुफ्त UPI को चुनौती देगी।
फीचर्स की तुलना
| फीचर | Apple Pay | Google Pay/PhonePe |
|---|---|---|
| डिवाइस | केवल Apple प्रोडक्ट्स | Android/iOS सभी |
| सिक्योरिटी | Face ID/Touch ID | UPI PIN/बायोमेट्रिक्स |
| पेमेंट तरीका | NFC टैप-टू-पे | QR/लिंक/नंबर |
| फीस | संभवतः चार्ज | मुफ्त UPI |
| पहुंच | प्रीमियम यूजर्स | सभी वर्ग |
यूजर्स और Apple को फायदा
Apple Pay से iPhone यूजर्स को एक ऐप में सब कुछ मिलेगा- बिना अलग UPI ऐप की जरूरत। कंपनी का मकसद यूजर्स को अपने ईकोसिस्टम में बांधना है, जैसा Samsung Pay करता है। लेकिन UPI ऐप्स बेकार नहीं होंगे, क्योंकि करोड़ों एंड्रॉयड यूजर्स इन्हें पसंद करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि Apple Pay प्रीमियम सेगमेंट (मेट्रो शहरों) में सफल होगा, जबकि UPI ग्रामीण और मास यूजर्स का दबदबा बनाए रखेगा।
कुल मिलाकर, Apple Pay भारत में डिजिटल पेमेंट को और प्रतिस्पर्धी बनाएगा। 2026 के मध्य तक लॉन्च की उम्मीद है, लेकिन नियामक मंजूरी और बैंक पार्टनरशिप तय करेगी। Google Pay की धड़कनें बढ़ी हैं, पर UPI का भविष्य मजबूत दिखता है।
















