Join Contact

क्या अब महंगा हो जाएगा छत पर सोलर लगवाना? ट्रंप के 126% टैरिफ वाले फरमान ने बढ़ाई भारत की टेंशन; जानें पूरी सच्चाई

ट्रंप का नया फरमान सोलर पैनल की कीमतें आसमान छू सकता है। क्या आपका सस्ता सोलर प्लान बर्बाद हो जाएगा? पूरी सच्चाई जानें और बचाव के उपाय सीखें।

Published On:

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ताजा फैसले ने भारत की सोलर इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया है। हाल ही में अमेरिका ने भारत से आने वाले सोलर पैनलों पर भारी 126 प्रतिशत का शुल्क लगा दिया है। यह कदम 150 दिनों तक चलेगा और अमेरिकी कंपनियों को विदेशी आयात से बचाने की कोशिश है। भारत सरकार पर सब्सिडी देकर बाजार बिगाड़ने का आरोप लगाया गया है। लेकिन सवाल वही है कि क्या इससे पंजाब जैसे राज्यों में घरों की छत पर सोलर लगवाने की लागत आसमान छू लेगी?

क्या अब महंगा हो जाएगा छत पर सोलर लगवाना? ट्रंप के 126% टैरिफ वाले फरमान ने बढ़ाई भारत की टेंशन; जानें पूरी सच्चाई

यह टैरिफ खासतौर पर निर्यात पर भारी पड़ेगा। भारत की कई सोलर कंपनियां अमेरिका को अच्छी खासी सप्लाई करती हैं। अब उनका कारोबार ठप होने का खतरा है। कंपनियां या तो उत्पादन घटाएंगी या नए बाजार तलाशेंगी। वैश्विक व्यापार युद्ध में भारत अब निशाने पर आ गया है। फिर भी घरेलू मोर्चे पर राहत की बात यह है कि भारत अपने सोलर पैनल ज्यादातर दूसरे देशों से खरीदता है। इसलिए उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा बोझ नहीं पड़ेगा।

घरेलू बाजार में सोलर की सस्ती कीमतें बरकरार

2026 में सोलर पैनल की कीमतें अभी भी किफायती हैं। 580 वॉट के हाई क्वालिटी पैनल की कीमत 9 से 9.5 हजार रुपये के आसपास है। 3 किलोवाट का पूरा ऑन ग्रिड सिस्टम बिना सब्सिडी के 2.2 से 2.5 लाख रुपये में लग जाता है। केंद्र की पीएम सूर्य घर योजना से यह कीमत और कम हो जाती है। 1 किलोवाट पर 30 हजार, 2 किलोवाट पर 60 हजार और 3 किलोवाट तक 78 हजार रुपये की सीधी सब्सिडी मिलती है। नतीजा यह कि अंतिम लागत घटकर 1.4 से 1.7 लाख रह जाती है। इससे बिजली बिल में 70 से 80 प्रतिशत तक की बचत हो सकती है। लुधियाना जैसे शहरों में जहां बिजली महंगी हो रही है, सोलर अब जरूरी जरूरत बन गया है।

आवेदन प्रक्रिया आसान और तेज

पीएम सूर्य घर योजना का लाभ लेना कोई मुश्किल काम नहीं।

  • सबसे पहले नजदीकी DISCOM पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें।
  • आधार कार्ड और बिजली बिल अपलोड करें।
  • रूफटॉप सोलर इंस्टॉलर चुनें जो योजना से जुड़ा हो।
  • इंस्टॉलेशन के बाद नेट मीटर लगवाएं।
  • 30 दिनों में सब्सिडी सीधे बैंक खाते में आ जाएगी।

यह प्रक्रिया ऑनलाइन है और कुछ ही दिनों में पूरी हो जाती है। पंजाब में स्थानीय बिजली विभाग इसकी मदद करता है।

भविष्य में क्या चुनौतियां?

लंबे समय में खतरा है। अगर निर्यात गिरा तो कुछ फैक्ट्रियां बंद हो सकती हैं। चीन से आने वाले कच्चे माल की कीमतें 10 से 15 प्रतिशत बढ़ सकती हैं। लेकिन भारत सरकार की उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजनाएं सप्लाई चेन को मजबूत रखेंगी। यूरोप और मध्य पूर्व जैसे बाजारों पर नजर है। अभी का समय सोलर लगवाने का सबसे अच्छा है। 3 किलोवाट सिस्टम की लागत 4 से 5 साल में ही वसूल हो जाती है। बिजली दरें बढ़ रही हैं, सोलर बचत का बड़ा जरिया बनेगा।

सरकार को मजबूत कदम उठाने होंगे

ट्रंप का यह फैसला भारत के लिए सबक है। अब सोलर में आत्मनिर्भरता जरूरी है। लोकल मैन्युफैक्चरिंग बढ़ानी होगी। उपभोक्ता घबराएं नहीं, बल्कि योजना का फायदा उठाएं। सोलर न सिर्फ बिजली बिल बचाएगा, बल्कि पर्यावरण को भी हरा रखेगा। पंजाब के किसानों और घरवालों के लिए यह सुनहरा अवसर है।

Author
info@ortpsa.in

Leave a Comment

संबंधित समाचार