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Ration Card New Rule: राशन कार्ड बनवाने का नियम बदला! अब ये होंगे ‘घर के मुखिया’, इन लोगों का कटेगा लिस्ट से नाम

दिल्ली में राशन कार्ड नियम बदले! अब सबसे बुजुर्ग महिला होगी घर की मुखिया। आय सीमा 1.2 लाख, अपात्रों (वाहन, नौकरी वाले) का नाम कटेगा। ई-KYC अनिवार्य, वन नेशन कार्ड सक्रिय। लाखों प्रभावित, जिला समितियां जांचेंगी। पारदर्शिता का दावा, लेकिन गरीबों को परेशानी?

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Ration Card New Rule: राशन कार्ड बनवाने का नियम बदला! अब ये होंगे 'घर के मुखिया', इन लोगों का कटेगा लिस्ट से नाम

सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में ऐतिहासिक परिवर्तन! केंद्र और राज्य सरकारों ने राशन कार्ड जारी करने के नियमों में व्यापक बदलाव कर दिए हैं, जिससे लाखों परिवार प्रभावित होंगे। खासकर दिल्ली में खाद्य सुरक्षा नियम 2026 के तहत अब परिवार की सबसे बुजुर्ग महिला सदस्य को ही घर का मुखिया माना जाएगा। यदि परिवार में एकमात्र महिला सदस्य 18 वर्ष से कम उम्र की है, तो सबसे बुजुर्ग पुरुष को यह जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। यह राजपत्र अधिसूचना हाल ही में जारी की गई है, जो पारदर्शिता और महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का दावा कर रही है।

नया मुखिया चयन

पहले जहां ‘पहले आओ-पहले पाओ’ की पुरानी प्रथा चलती थी, वहां अब सख्त पात्रता जांच होगी। दिल्ली सरकार के खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने स्पष्ट किया है कि राशन कार्डों का कोटा हर जिले में कुल मतदाताओं की संख्या के अनुपात में बांटा जाएगा। मतलब, जहां वोटर ज्यादा, वहां राशन कार्डों की संख्या भी अधिक। हालांकि, जब नई जनगणना के आंकड़े आधिकारिक रूप से जारी होंगे, तब आधार जनगणना डेटा पर शिफ्ट हो जाएगा। इससे फर्जी लाभार्थियों पर लगाम लगेगी और सही जरूरतमंदों तक सुविधा पहुंचेगी।

आय मानदंड में उछाल और अपात्रता की नई शर्तें

आय मानदंड में भी बड़ा उछाल आया है। पहले 1 लाख रुपये सालाना आय सीमा थी, जो अब बढ़ाकर 1.2 लाख रुपये कर दी गई है। लेकिन लाभ के दायरे से बाहर रहेंगे वे परिवार जिनके पास ए-ई श्रेणी कॉलोनियों में भवन-भूमि हो, आयकर भुगतान करते हों, चार पहिया वाहन हो, किसी सदस्य की सरकारी नौकरी हो या 2 किलोवाट से अधिक बिजली कनेक्शन हो।

दिल्ली में जिलाधिकारी (डीएम) या अतिरिक्त डीएम की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय समिति आवेदनों की जांच करेगी, जिसमें दो स्थानीय विधायक और सांसद सदस्य होंगे। वार्ड और उचित मूल्य दुकान स्तर पर भी सतर्कता समितियां गठित होंगी, जिसमें राशन कार्ड धारक प्रतिनिधि शामिल रहेंगे। शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत बनाने के लिए ये कदम उठाए गए हैं।

देशभर में 1 जनवरी से लागू बदलाव

यह बदलाव 1 जनवरी 2026 से देशभर में धीरे-धीरे लागू हो चुके हैं। ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी गई है, जहां आधार लिंकिंग, बायोमेट्रिक सत्यापन और मोबाइल नंबर जोड़ना जरूरी है। वन नेशन वन राशन कार्ड (ओएनओआरसी) पूरी तरह सक्रिय हो गया है, जिससे कोई भी लाभार्थी देशभर में कहीं भी राशन ले सकेगा। डुप्लिकेट कार्ड, मृत सदस्यों के नाम या अपात्र परिवारों पर सख्ती बरती जा रही है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड जैसे राज्यों में पहले ही 50 हजार से अधिक कार्ड रद्द हो चुके हैं। दिल्ली में भी लाखों नाम लिस्ट से कट सकते हैं।​

पारदर्शिता और डिजिटलीकरण का दावा

सरकार का कहना है कि ये सुधार पीडीएस को डिजिटल और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए हैं। अब ऑनलाइन आवेदन nfsa.gov.in या ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर हो सकेगा, जिसमें 15 दिनों में निपटारा होगा। CSC केंद्रों पर जाकर अपडेट कराना आसान है। लेकिन विशेषज्ञ चेताते हैं कि गरीब परिवारों को परेशानी हो सकती है, खासकर आधार लिंकिंग में दिक्कत होने पर। यदि आपका नाम कटता है, तो ऑनलाइन अपील का विकल्प खुलेगा।

भविष्य की चुनौतियां और प्रभाव

यह बदलाव न केवल राशन वितरण को प्रभावित करेंगे, बल्कि अन्य सरकारी योजनाओं से भी जुड़ेंगे। परिवारों को तत्काल ई-केवाईसी पूरा कर लेना चाहिए, वरना 1 फरवरी से राशन बंद होने का खतरा है। क्या ये नियम वाकई जरूरतमंदों की मदद करेंगे या नया भ्रम पैदा करेंगे? समय ही बताएगा।

Author
info@ortpsa.in

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