
दिल्ली-एनसीआर की लाइफलाइन बन चुका दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (National Expressway 3) आज आधुनिक भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर की पहचान बन गया है, कभी दिल्ली से मेरठ की दूरी तय करने में लोगों के 3 से 4 घंटे पसीने छूट जाते थे, लेकिन आज यह सफर महज 45 से 60 मिनट का रह गया है, 14 लेन की यह चौड़ी सड़क न केवल समय बचा रही है, बल्कि सफर को विश्वस्तरीय भी बना रही है।
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देश का सबसे चौड़ा 14-लेन एक्सप्रेसवे
इस एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खूबी इसकी चौड़ाई है, दिल्ली के सराय काले खां से डासना तक यह 14 लेन का है, इसमें बीच की 6 लेन ‘एक्सप्रेसवे’ हैं, जो बिना रुके लंबी दूरी तय करने वालों के लिए हैं, जबकि बाहर की 8 लेन ‘नेशनल हाईवे’ के तौर पर काम करती हैं, ताकि स्थानीय ट्रैफिक को परेशानी न हो।
100-120 की तूफानी रफ़्तार
एक्सप्रेसवे को इस तरह डिजाइन किया गया है कि गाड़ियां हवा से बातें करती हैं।
- गाजियाबाद खंड: यहां हल्के वाहनों के लिए रफ्तार 100 किमी/घंटा तय है।
- मेरठ खंड: डासना से मेरठ के बीच यह सीमा 120 किमी/घंटा तक चली जाती है।
- स्मार्ट चालान: नियम तोड़ने वालों और ओवरस्पीडिंग करने वालों पर नजर रखने के लिए पूरे रूट पर 150 से अधिक इंटेलिजेंट कैमरे लगाए गए हैं।
स्मार्ट टोलिंग: रुकने की जरुरत नहीं
यह भारत का पहला ऐसा एक्सप्रेसवे है जहां ANPR (Automatic Number Plate Recognition) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, यहां कोई पारंपरिक टोल गेट नहीं है जो आपकी रफ़्तार को रोके। कैमरे सीधे आपकी नंबर प्लेट स्कैन करते हैं और आपके FASTag से उतने ही पैसे कटते हैं जितनी दूरी आपने तय की है।
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इको-फ्रेंडली और हाई-टेक सुविधाएं
- सोलर पावर: एक्सप्रेसवे पर लगी लाइटें सौर ऊर्जा से चलती हैं।
- वर्टिकल गार्डन: यमुना ब्रिज और अन्य प्रमुख हिस्सों पर वर्टिकल गार्डन और ड्रिप इरिगेशन का इस्तेमाल किया गया है।
- साइकिल ट्रैक: दिल्ली से डासना के बीच साइकिल चालकों के लिए अलग से 2.5 मीटर चौड़ा ट्रैक बनाया गया है।
दिल्ली-NCR की शानदार कनेक्टिविटी
यह एक्सप्रेसवे सराय काले खां, अक्षरधाम, नोएडा, गाजियाबाद और हापुड़ जैसे प्रमुख शहरों को सीधे मेरठ से जोड़ता है, इससे न केवल आम जनता को सुविधा हुई है, बल्कि व्यापार और लॉजिस्टिक्स को भी नई मजबूती मिली है।
















