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ये हैं भारत के सबसे अजीबोगरीब रेलवे स्टेशन, टिकट काउंटर पर नाम लेते ही छूट जाएगी हंसी! क्या आपने कभी सुना है इनका नाम?

भारतीय रेलवे के कई स्टेशनों के नाम इतने मजेदार हैं कि इन्हें लेने में हिचक होती है। 'काला बकरा', 'साली', 'दीवाना' जैसे नाम सुनकर यात्री चौंक जाते हैं। पंजाब का काला बकरा, राजस्थान का बाप-साली, ओडिशा का आईबी- ये भारत की विविधता दर्शाते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल, पर्यटन बढ़ा रहे हैं। अगली यात्रा में नोट करें!

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ये हैं भारत के सबसे अजीबोगरीब रेलवे स्टेशन, टिकट काउंटर पर नाम लेते ही छूट जाएगी हंसी! क्या आपने कभी सुना है इनका नाम?

देश की लाइफलाइन भारतीय रेलवे में 8,500 से अधिक स्टेशन हैं, लेकिन कुछ स्टेशनों के नाम इतने अजीबो-गरीब हैं कि इन्हें लेने में हिचकिचाहट हो जाती है। अगर आप किसी से कहें कि ‘मैं काला बकरा पर हूं’, तो सामने वाला चौंक ही जाएगा। कई नाम उच्चारण में कठिन तो कई हास्यपूर्ण हैं। ये नाम स्थानीय गांवों, जानवरों या पुरानी परंपराओं से जुड़े हैं, जो भारत की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाते हैं।

जानवरों से प्रेरित नाम

पंजाब के जालंधर जिले में काला बकरा स्टेशन स्थित है। नाम सुनकर लगता है यहां बकरी बाजार हो, लेकिन ये सामान्य स्टेशन है जहां रोज ट्रेनें रुकती हैं। यात्री नाम पर मजाक उड़ाते हैं और सेल्फी लेते हैं। स्थानीय लोग गुरबचन सिंह नामक सैनिक की याद में इस नाम को जोड़ते हैं, जो ब्रिटिश काल में सम्मानित हुए थे।

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में बिली (बिल्ली) स्टेशन है, जबकि मथुरा में भैंसा स्टेशन। यात्री फोन पर कहते हैं, ‘बिल्ली पर आ गया’ या ‘भैंसों के बीच हूं’। तेलंगाना के निर्मल जिले का भैंसा स्टेशन भी इसी श्रेणी में आता है। ये नाम गांवों के नाम पर रखे गए, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।

परिवारिक और मजेदार नाम

राजस्थान जोधपुर का बाप स्टेशन छोटा सा है, लेकिन नाम से लगता है सभी का सरताज। पास ही साली और सिरोही का नाना स्टेशन हैं। यात्री मजाक में कहते, ‘साली में पहुंचा’ या ‘नाना के पास हूं’। ये स्टेशन उत्तर-पश्चिमी रेलवे से जुड़े हैं और परिवारिक रिश्तों जैसे लगते हैं। हरियाणा के पानीपत के पास दीवाना स्टेशन पर जोड़े फोटो खींचने आते हैं। यहां 16 ट्रेनें रुकती हैं।

ओडिशा का सिंगापुर रोड स्टेशन सपनों का शहर जैसा लगता है, लेकिन छोटा सा लोकल हब है। यात्री तस्वीरें शेयर कर कहते, ‘सिंगापुर आ गया!’। इसी तरह आईबी स्टेशन देश का सबसे छोटा नाम वाला है। ट्रेनें तेज रुकती-पकड़ती हैं।

बेनाम और अनोखे स्टेशन

पश्चिम बंगाल के बर्धमान जिले में एक बेनाम स्टेशन है। 2008 में ‘रैनागर’ नाम रखा गया, लेकिन आसपास के गांवों के विवाद से बोर्ड खाली पड़ा। टिकट पर रैनागर लिखा आता है, लेकिन स्टेशन नामरहित। बांकुड़ा-मासाग्राम ट्रेन ही रुकती है।​ झारखंड का दारू स्टेशन शराब की याद दिलाता है, जबकि भागा स्टेशन भागने का संकेत। महाराष्ट्र का भोसरी (पहले भोजपुर) पुरातात्विक स्थल से जुड़ा। तेलंगाना का टट्टी खाना नाम तो हंसी उड़ाने वाला है।

नामकरण की परंपरा और प्रभाव

ब्रिटिश काल में कई नाम रखे गए, जो अब हास्यपूर्ण लगते। स्थानीय भाषाओं के अर्थ अलग-अलग होते हैं, जैसे तमिलनाडु का सूसमलई या मध्य प्रदेश का चूतानपिपरी। उत्तर प्रदेश का इब्राहिमपट्टी जटिल लगता। ये स्टेशन यात्रियों को यादगार बनाते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल होने से पर्यटन बढ़ा। रेलवे कभी-कभी नाम बदलने पर विचार करता, लेकिन विवादों से रुक जाता। ये नाम भारत की विविधता दिखाते हैं। अगली ट्रेन यात्रा में इन स्टेशनों पर नजर रखें – हंसी की गारंटी!

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info@ortpsa.in

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