
डिजिटल इंडिया के दौर में अब सरकारी कामों के लिए दफ्तरों के चक्कर काटना बीते जमाने की बात होती जा रही है, साल 2026 में मैरिज सर्टिफिकेट (विवाह प्रमाण पत्र) बनवाने की प्रक्रिया को बेहद सरल और पारदर्शी बना दिया गया है, अब विवाहित जोड़े अपने आधार कार्ड का उपयोग करके घर बैठे ही ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।
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1 अप्रैल 2026 से अनिवार्य हुआ आधार सत्यापन
उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में 1 अप्रैल 2026 से नया नियम लागू किया गया है, जिसके तहत मैरिज रजिस्ट्रेशन के लिए वर और वधू दोनों के आधार कार्ड का भौतिक या डिजिटल सत्यापन अनिवार्य है, इसका मुख्य उद्देश्य पंजीकरण में होने वाले फर्जीवाड़े को रोकना और डेटा की गोपनीयता सुनिश्चित करना है।
जरूरी दस्तावेज (Checklist)
ऑनलाइन आवेदन करने से पहले इन दस्तावेजों को डिजिटल फॉर्मेट में तैयार रखें:
- आधार कार्ड: पति और पत्नी दोनों का (मोबाइल नंबर लिंक होना जरूरी)।
- आयु प्रमाण: 10वीं की मार्कशीट या जन्म प्रमाण पत्र।
- विवाह प्रमाण: शादी का निमंत्रण कार्ड या मंदिर/संस्था से मिला प्रमाण पत्र।
- फोटो: पति-पत्नी की संयुक्त फोटो और गवाहों की फोटो।
- गवाह: दो गवाहों के आधार कार्ड।
कैसे करें आवेदन? (स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस)
- अपने राज्य के आधिकारिक पोर्टल (जैसे यूपी के लिए igrsup.gov.in या दिल्ली के लिए edistrict.delhigovt.nic.in) पर लॉगिन करें।
- आधार विवरण भरने के बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP आएगा। इसे दर्ज करते ही आपकी अधिकतर जानकारी स्वतः भर जाएगी।
- अन्य आवश्यक दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करें और ऑनलाइन फीस का भुगतान करें। 1.2.3
- आवेदन पूरा होने के बाद आपको रजिस्ट्रार ऑफिस जाने के लिए एक समय और तारीख (Appointment) दी जाएगी, जहाँ मूल दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन होगा।
- सत्यापन के कुछ दिनों के भीतर ही आप पोर्टल से अपना डिजिटल हस्ताक्षरित मैरिज सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकेंगे।
यह नई व्यवस्था न केवल समय की बचत कर रही है बल्कि तहसील कार्यालयों में भ्रष्टाचार और लंबी लाइनों से भी मुक्ति दिला रही है।
















