
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के मेधावी और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए केंद्र सरकार ने शिक्षा के रास्ते आसान कर दिए हैं, 10वीं पास कर चुके छात्रों के लिए ‘पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप’ को लेकर नई गाइडलाइन जारी की गई है, जिससे अब लाखों छात्रों का उच्च शिक्षा का सपना सच हो सकेगा।
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क्या हैं नई गाइडलाइंस? (पात्रता और नियम)
सरकार द्वारा जारी ताज़ा दिशा-निर्देशों के अनुसार, स्कॉलरशिप का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है:
- आय सीमा: छात्र के परिवार की कुल वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। (विभिन्न राज्यों में यह सीमा अलग हो सकती है)।
- अनिवार्य उपस्थिति: शैक्षणिक सत्र के दौरान छात्र की कम से कम 75% उपस्थिति होना अनिवार्य है।
- शैक्षणिक योग्यता: छात्र का किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं कक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है।
- दस्तावेज: आवेदन के लिए आधार कार्ड (बैंक खाते से लिंक), ओबीसी जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र होना जरूरी है।
PM-YASASVI और अन्य प्रमुख योजनाएं
इस बार PM-YASASVI योजना के तहत छात्रवृत्ति की राशि में भी सुधार किया गया है, उच्च श्रेणी के स्कूलों और संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को सालाना 1.25 लाख रुपये तक की सहायता मिल सकती है। इसके अलावा, डॉ. अंबेडकर पोस्ट-मैट्रिक योजना के जरिए स्नातक (Graduation) स्तर तक की पढ़ाई के लिए भी फंड आवंटित किए गए हैं।
फ्रीशिप कार्ड की नई सुविधा
नई गाइडलाइन की सबसे बड़ी विशेषता ‘फ्रीशिप कार्ड’ (Freeship Card) है। इस कार्ड की मदद से पात्र छात्र बिना किसी अग्रिम ट्यूशन फीस के बड़े संस्थानों में एडमिशन ले सकेंगे, सरकार सीधे संस्थानों को फीस का भुगतान करेगी, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
कैसे करें आवेदन?
इच्छुक छात्र National Scholarship Portal (NSP) पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं, इसके अलावा, राज्य स्तर की छात्रवृत्तियों के लिए संबंधित राज्य के आधिकारिक पोर्टल (जैसे यूपी के लिए scholarship.up.gov.in) का उपयोग किया जा सकता है।
जानकारों का कहना है कि डिजिटल प्रक्रिया और आधार लिंक होने से स्कॉलरशिप की राशि अब सीधे छात्रों के बैंक खाते (DBT) में आएगी, जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।
















