बिहार के करोड़ों राशन कार्डधारकों के लिए एक बड़ा अलर्ट है। राज्य सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत 28 फरवरी 2026 तक सभी लाभार्थियों का e-KYC अनिवार्य कर दिया है। समय रहते ये प्रक्रिया पूरी न करने पर मुफ्त गेहूं, चावल और अन्य राशन की सुविधा बंद हो जाएगी। ये कदम पारदर्शिता लाने और फर्जी लाभार्थियों को हटाने के लिए उठाया गया है, जिससे लाखों गरीब परिवार प्रभावित हो सकते हैं।

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e-KYC अनिवार्य क्यों?
बिहार सरकार ने केंद्र के निर्देश पर ये नियम लागू किए हैं। राज्य में अभी भी लाखों कार्डधारकों का आधार सीडिंग बाकी है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में। बिना e-KYC के कार्ड निष्क्रिय हो जाएंगे, जैसा कि हालिया अभियानों में कई जिलों में देखा गया। इसका मकसद सही जरूरतमंदों तक अनाज पहुंचाना है। डिजिटल इंडिया अभियान के तहत ये डिजिटल वेरिफिकेशन भ्रष्टाचार रोकेगा और वितरण प्रणाली को मजबूत बनाएगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे राशन की चोरी रुकेगी, लेकिन समय पर कार्रवाई जरूरी है।
डेडलाइन और गंभीर परिणाम
28 फरवरी आखिरी तारीख है। इस तिथि के बाद गैर-अनुपालन करने वालों को जन वितरण प्रणाली से बाहर कर दिया जाएगा। प्रति व्यक्ति 5 किलो मुफ्त अनाज (गेहूं और चावल 2:3 अनुपात में) सहित नमक जैसी सुविधाएं प्रभावित होंगी। पटना जैसे शहरों में ही 8 लाख से ज्यादा e-KYC लंबित हैं। सरकार ने जागरूकता के लिए PDS दुकानों पर कैंप लगाए हैं। देरी से परिवारों को भूखे पेट रहना पड़ सकता है, इसलिए तुरंत जागें। ये नियम अन्य राज्यों में भी सख्त हो रहे हैं।
e-KYC कैसे पूरा करें? आसान तरीके
प्रक्रिया सरल, मुफ्त और तेज है। निम्न स्टेप्स फॉलो करें:
- PDS दुकान पर जाएं: e-PoS मशीन से बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन (उंगली का निशान, आईरिस या चेहरा स्कैन) कराएं। आधार कार्ड और राशन कार्ड साथ ले जाएं।
- मोबाइल ऐप से घर बैठे: Mera KYC या Aadhaar FaceRD ऐप डाउनलोड करें। सेल्फी और आधार नंबर से वेरिफाई करें। राज्य से बाहर रहने वाले (आंध्र प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल को छोड़कर) भी ये सुविधा ले सकते हैं।
- CSC केंद्र का सहारा: नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर आधार लिंकिंग पूरी करें।
स्टेटस चेक PDS पोर्टल या ऐप से करें। पूरी प्रक्रिया 5-10 मिनट में हो जाती है। अगर समस्या हो तो हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।
लाखों परिवारों पर असर, सरकार की अपील
बिहार में 8 करोड़ से अधिक NFSA कार्ड प्रभावित हो सकते हैं। ग्रामीण इलाकों में जागरूकता कम होने से खतरा ज्यादा है। खाद्य विभाग ने सभी जिलों में विशेष अभियान शुरू किए हैं। आयुक्त की अपील है: समय रहते अपडेट कराएं, वरना पछतावा होगा। ये बदलाव न केवल बिहार, बल्कि पूरे देश में राशन व्यवस्था को डिजिटल बना रहे हैं। गरीबी रेखा से नीचे परिवारों के लिए ये जीवनरेखा है, इसे हाथ से न जाने दें। जागरूक रहें, परिवार को बचाएं। तुरंत नजदीकी PDS दुकान या ऐप पर एक्शन लें।
















