
भारत सरकार ने 15 फरवरी 2026 से पासपोर्ट आवेदन और नवीनीकरण (renewal) के लिए नए और कड़े सुरक्षा नियम लागू करने का निर्णय लिया है, इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाना, धोखाधड़ी को रोकना और वैश्विक मानकों के अनुरुप सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
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अनिवार्य DigiLocker (डिजीलॉकर) का उपयोग
अब दस्तावेजों के वेरिफिकेशन के लिए DigiLocker का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है, आवेदकों को अपने मूल दस्तावेज (जैसे आधार, मार्कशीट, जन्म प्रमाण पत्र) डिजीलॉकर पर अपलोड करने होंगे, इससे फिजिकल वेरिफिकेशन का समय बचेगा और फर्जी कागजात की गुंजाइश खत्म होगी। Passport Seva Portal पर आवेदन करते समय अब डिजीलॉकर लिंक करना जरूरी होगा।
e-Passport (ई-पासपोर्ट) की शुरुआत
15 फरवरी के बाद जारी होने वाले पासपोर्ट्स में इलेक्ट्रॉनिक चिप लगी होगी। इस चिप में आपकी बायोमेट्रिक जानकारी (उंगलियों के निशान और चेहरे की पहचान) सुरक्षित रहेगी, इससे विदेशों में इमिग्रेशन काउंटर पर लगने वाला समय कम हो जाएगा क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है।
पुलिस वेरिफिकेशन में तेजी
सरकार ने mPassport Police App को और अपडेट किया है, अब पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी, जिससे पासपोर्ट मिलने का समय 15 दिन से घटकर मात्र 5-7 कार्य दिवस रह जाएगा।
जन्म तिथि (DOB) के नियमों में स्पष्टता
जन्म तिथि के प्रमाण के लिए अब आधार कार्ड, पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस को अधिकृत माना जाएगा, बशर्ते वे सरकारी डेटाबेस से लिंक हों हालांकि, 2024 के बाद पैदा हुए बच्चों के लिए नगर निगम का जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य रखा गया है।
सरकारी छूट (Senior Citizens & Minors)
वरिष्ठ नागरिकों (60+) और 8 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए आवेदन शुल्क में 10% की छूट जारी रहेगी, बशर्ते वे नए डिजिटल प्रारूप के तहत आवेदन करें, पासपोर्ट के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट passportindia.gov.in का ही उपयोग करें, कई फर्जी वेबसाइट्स शुल्क के नाम पर धोखाधड़ी कर रही हैं।
















