
उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के किसानों और बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से ‘एकीकृत बागवानी विकास मिशन’ (MIDH) के तहत मशरूम की खेती पर अनुदान प्रदान कर रही है, यह योजना तकनीकी सहायता के साथ-साथ वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराती है।
यह भी देखें: UP Tubewell Subsidy: सिंचाई की टेंशन खत्म! नलकूप लगवाने पर यूपी सरकार दे रही 80% सब्सिडी; किसानों के लिए बंपर योजना
Table of Contents
लागत पर अनुदान
सरकारी योजना के अनुसार, मशरूम उत्पादन इकाइयों पर सब्सिडी का प्रावधान है:
- एयर-कंडीशंड मशरूम यूनिट: लगभग 20 लाख रुपये की लागत वाली यूनिट पर सरकार 8 से 12 लाख रुपये तक की सब्सिडी दे सकती है।
- कम लागत वाली यूनिट्स: 2 लाख रुपये तक की लागत वाली यूनिट्स पर 50% यानी 1 लाख रुपये तक का अनुदान सीधे बैंक खाते में भेजा जा रहा है।
आवश्यक दस्तावेज
आवेदन प्रक्रिया डिजिटल है। इच्छुक उम्मीदवारों के पास निम्नलिखित दस्तावेज होने चाहिए:
- आधार कार्ड (मोबाइल नंबर से लिंक)।
- खतौनी (भूमि के स्वामित्व के प्रमाण के लिए)।
- बैंक पासबुक (DBT के माध्यम से पैसा प्राप्त करने के लिए)।
- प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR): इसमें प्रोजेक्ट की पूरी रूपरेखा होनी चाहिए।
आवेदन प्रक्रिया
योजना का लाभ लेने के लिए इन चरणों का पालन करना होगा:
- पंजीकरण: यूपी एग्रीकल्चर पोर्टल (upagriculture.com) पर जाकर अपना DBT पंजीकरण सुनिश्चित करें।
- ऑनलाइन आवेदन: उद्यान विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (https://uphorticulture.gov.in) पर जाकर आवेदन फॉर्म भरें।
- सत्यापन: आवेदन के बाद जिला उद्यान अधिकारी (DHO) कार्यालय में संपर्क करें, जहां आपके दस्तावेजों और साइट का भौतिक सत्यापन किया जाएगा।
संभावित लाभ
मशरूम की बाजार में मांग साल भर बनी रहती है, कम जगह और कम पानी में तैयार होने वाली यह फसल किसानों के लिए अतिरिक्त आय का स्रोत बन सकती है। सरकार का लक्ष्य इस योजना के माध्यम से राज्य के युवाओं को उद्यमी बनने में सहायता करना है।
















