
अगर आप भी अपना सपनों का आशियाना बनाने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है, निर्माण क्षेत्र (Construction Sector) से जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण सामग्री, सरिया (TMT Bar) की कीमतों में अचानक भारी तेजी दर्ज की गई , देश के प्रमुख बाजारों है, में सरिया के दाम ₹2,000 से लेकर ₹7,500 प्रति टन तक बढ़ गए हैं।
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प्रमुख शहरों का हाल: कहाँ कितनी बढ़ी कीमतें?
फरवरी 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, औद्योगिक शहरों में सप्लाई की कमी और मांग में वृद्धि के कारण कीमतों ने आसमान छू लिया है:
- सबसे महंगा बाजार: गोवा और मुंबई में सरिया की कीमतें ₹50,000 प्रति टन के पार पहुंच गई हैं।
- दक्षिण भारत: हैदराबाद में नवंबर के मुकाबले सबसे अधिक ₹7,500 प्रति टन की वृद्धि देखी गई है, जहाँ भाव ₹49,000 के करीब है।
- औद्योगिक क्षेत्र: रायपुर और कोलकाता जैसे स्टील हब में भी दाम ₹45,300 से ₹46,000 के बीच चल रहे हैं, जो पिछले महीनों की तुलना में ₹6,800 तक महंगे हैं।
क्यों लग रहा है ‘प्राइस शॉक’?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कीमतों में इस उछाल के पीछे चार प्रमुख कारण हैं:
- केंद्र सरकार द्वारा स्टील उत्पादों पर इंपोर्ट ड्यूटी (11%-12%) लगाने से घरेलू बाजार में प्रतिस्पर्धा कम हुई और दाम बढ़े।
- आयरन ओर और कोयले की वैश्विक कीमतों में मजबूती ने मिलों को उत्पादन लागत बढ़ाने पर मजबूर किया है।
- मिलों के स्टॉक में 25-30% की भारी गिरावट आई है, जिससे सप्लाई और डिमांड का संतुलन बिगड़ गया है।
- वर्तमान में कंस्ट्रक्शन का सीजन अपने चरम पर है, जिससे मांग में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है।
रिटेल बाजार पर असर
थोक के साथ-साथ खुदरा बाजार (Retail Market) में भी गर्मी महसूस की जा रही है, वर्तमान में ब्रांडेड सरिया जैसे Tata Tiscon या Kamdhenu का खुदरा भाव ₹55 से ₹70 प्रति किलो तक पहुंच गया है, दिल्ली और एनसीआर के बाजारों में 8mm और 10mm के सरिया की मांग सबसे अधिक है, जिससे यहां भी स्थानीय स्तर पर कीमतों में बढ़त जारी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चे माल की कीमतों में कमी नहीं आती, तो आने वाले हफ्तों में दाम और भी बढ़ सकते हैं, ऐसे में निर्माण कार्य शुरू करने वालों को अपने बजट का दोबारा आकलन करने की जरुरत है।
















