
आज के दौर में UPI पेमेंट हमारी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है, लेकिन कई बार सर्वर डाउन होने या तकनीकी खामियों के कारण UPI ट्रांजैक्शन फेल हो जाता है और खाते से पैसे कट जाते हैं, ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय RBI के नियमों और कुछ आसान स्टेप्स को अपनाकर आप अपना पैसा सुरक्षित वापस पा सकते हैं।
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5 मिनट वाली ‘रिफंड ट्रिक’: ऐसे करें तुरंत शिकायत
अगर पैसा कट गया है और रिफंड नहीं आया, तो इन चरणों का पालन करें:
- UPI ऐप पर ‘Raise Dispute’: अपने पेमेंट ऐप (जैसे PhonePe, Google Pay, या Paytm) के ‘Transaction History’ में जाएं फेल ट्रांजैक्शन को चुनें और ‘Raise Dispute’ या ‘Help’ विकल्प पर क्लिक करें।
- NPCI पोर्टल पर शिकायत: यदि ऐप से समाधान न मिले, तो NPCI की आधिकारिक वेबसाइट पर ‘Dispute Redressal Mechanism’ के तहत अपनी शिकायत दर्ज करें।
- बैंक को सूचित करें: अपने बैंक के कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करें या होम ब्रांच जाकर ट्रांजैक्शन आईडी के साथ शिकायत दर्ज कराएं। 1.4.8
क्या है RBI का नियम और रिफंड की समय सीमा?
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए कड़े नियम बनाए हैं:
- T+1 दिन का नियम: व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) ट्रांसफर के मामले में, फेल ट्रांजैक्शन का पैसा अगले कार्यदिवस (T+1) तक आपके खाते में वापस आ जाना चाहिए।
- मर्चेंट पेमेंट (P2M): अगर किसी दुकानदार को पेमेंट करते समय पैसा कटा है, तो रिफंड के लिए T+5 दिनों का समय निर्धारित है।
- देरी पर मिलेगा हर्जाना: यदि बैंक तय समय सीमा के भीतर पैसा वापस नहीं करता है, तो RBI के अनुसार बैंक को ग्राहक को ₹100 प्रति दिन के हिसाब से हर्जाना देना होगा।
अगर समाधान न मिले तो क्या करें?
अगर 30 दिनों के भीतर आपकी समस्या का समाधान नहीं होता है, तो आप RBI के ओम्बड्समैन (Lokpal) के पास अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं ।
















