देशभर के पेट्रोल पंपों पर हाल के दिनों में अचानक भीड़ बढ़ गई है। सोशल मीडिया पर ईंधन की कमी की अफवाहें फैलने से लोग घबरा रहे हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ लफ्जों में कहा है कि स्टॉक भरपूर है। वाहन मालिक अपनी टंकी जितनी बार चाहें भर सकते हैं। लेकिन प्लास्टिक बोतल या ढीले कैन में तेल ले जाने वालों को अब कड़ी चेतावनी दी गई है। सुरक्षा को देखते हुए ये कदम उठाए गए हैं।

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वाहन टंकी भरने की आजादी
आम नागरिकों के लिए कोई दैनिक खरीद सीमा तय नहीं की गई है। आप दिन में एक या दस बार भी पंप जा सकते हैं। बस अपनी गाड़ी की टंकी भरें। कभी कभी स्थानीय स्तर पर जैसे हिमाचल के कुछ इलाकों में 10 लीटर तक सीमित रखने की सलाह दी जाती है। ये आपात स्थिति में व्यवस्था बनाए रखने के लिए होता है। मंत्रालय का कहना है कि पैनिक खरीदारी से बचें। सप्लाई चेन मजबूत है और दैनिक जरूरत आसानी से पूरी हो रही है।
कैन और बोतल के सख्त नियम
पेट्रोल पंप अब प्लास्टिक बोतलों में तेल देने से मना कर सकते हैं। केवल मजबूत धातु के मानक कैन ही स्वीकार्य हैं। सामान्य ग्राहक 2 से 5 लीटर तक ले जा सकते हैं। इससे ज्यादा के लिए विशेष अनुमति जरूरी है। घर पर स्टोरेज पूरी तरह वर्जित है। उल्लंघन पाए जाने पर पंप मालिक का लाइसेंस रद्द हो सकता है। ये नियम पेट्रोलियम कानून 1934 के तहत लागू हैं। प्लास्टिक कंटेनरों से आग या विस्फोट का खतरा रहता है। इसलिए ग्राहक कैन की जांच करवाएं।
कानूनी प्रावधान और सजा
पेट्रोलियम नियम 2002 में स्पष्ट है कि असुरक्षित तरीके से ईंधन ले जाना अपराध है। पहली बार जुर्माना लगेगा। बार बार दोहराने पर जेल या लाइसेंस रद्दीकरण हो सकता है। किसान या ट्रक चालक जैसे विशेष वर्गों को छूट है लेकिन परमिट दिखाना अनिवार्य है। घरेलू उपयोग के लिए अधिकतम 30 लीटर तक रखा जा सकता है पर केवल लाइसेंस्ड कंटेनर में। मंत्रालय ने सभी पंपों को रोजाना रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।
उपभोक्ताओं के लिए सलाह
देश प्रतिदिन करोड़ों लीटर ईंधन खपत करता है। स्टॉक की कोई दिक्कत नहीं। फिर भी अफवाहें न फैलाएं। भीड़भाड़ से बचें। शिकायत के लिए हेल्पलाइन 1800-11-4444 पर संपर्क करें। दिल्ली एनसीआर, मुंबई और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में निगरानी बढ़ा दी गई है। ये बदलाव कालाबाजारी रोकेंगे और सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। वाहन टंकी भरें बेफिक्र लेकिन कैन लेते समय सावधानी बरतें। व्यवस्था सुचारू रखने में हर नागरिक का सहयोग जरूरी है।
















