
उत्तर प्रदेश के विकास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है, विश्व के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शुमार होने वाला नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) बनकर पूरी तरह तैयार है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 28 मार्च को इस भव्य एयरपोर्ट का औपचारिक उद्घाटन करेंगे, यह न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए विमानन क्षेत्र (Aviation Sector) में एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है।
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एशिया का सबसे बड़ा और दुनिया का चौथा बड़ा एयरपोर्ट
जेवर एयरपोर्ट अपनी विशालता और आधुनिकता के मामले में कई वैश्विक कीर्तिमान स्थापित करने जा रहा है। पूरी तरह से विकसित होने के बाद, यह एशिया का सबसे बड़ा और दुनिया का चौथा सबसे बड़ा हवाई अड्डा होगा। पहले चरण में यह सालाना लगभग 1.2 करोड़ यात्रियों की क्षमता के साथ अपनी सेवाएं शुरू करेगा।
उद्घाटन का कार्यक्रम और तैयारियां
सूत्रों के अनुसार, 28 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी सुबह करीब 11:30 बजे एयरपोर्ट पहुंचेंगे। वे सबसे पहले टर्मिनल बिल्डिंग के अत्याधुनिक ढांचे और यात्री सुविधाओं का मुआयना करेंगे। इसके बाद, दोपहर 12 बजे एक भव्य जनसभा को संबोधित करते हुए एयरपोर्ट का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित केंद्र और राज्य सरकार के कई दिग्गज नेता इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनेंगे।
आधुनिक तकनीक और ‘नेट जीरो’ का संकल्प
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भारत का पहला ऐसा एयरपोर्ट होगा जिसे पूरी तरह से ‘नेट जीरो एमिशन’ (Net Zero Emissions) के सिद्धांत पर विकसित किया गया है। यहाँ यात्रियों को ‘डिजी यात्रा’ (DigiYatra) जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, जिससे पेपरलेस और कॉन्टैक्टलेस यात्रा संभव हो सकेगी।
क्षेत्रीय विकास और रोजगार की नई उड़ान
जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आर्थिक परिदृश्य में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है, यह एयरपोर्ट दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के दबाव को कम करेगा और साथ ही हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड के यात्रियों के लिए भी एक सुलभ विकल्प बनेगा। इसके आसपास फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क और औद्योगिक गलियारों का निर्माण तेजी से चल रहा है, जिससे लाखों नए रोजगार पैदा होंगे।
इंडिगो (IndiGo) और एयर इंडिया (Air India) जैसी प्रमुख एयरलाइंस पहले ही यहाँ से अपना परिचालन शुरू करने के लिए करार कर चुकी हैं। उद्घाटन के साथ ही घरेलू और आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का सिलसिला भी शुरू हो जाएगा।
















