Join Contact

LIC पॉलिसी धारकों की बल्ले-बल्ले! अब बीच में पॉलिसी छोड़ने पर भी मिलेगा मोटा पैसा; IRDAI का नया नियम आज से लागू

 जीवन बीमा निगम (LIC) सहित देश के करोड़ों बीमा पॉलिसी धारकों के लिए बड़ी खुशखबरी है, भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) के नए सरेंडर वैल्यू नियम आज से पूरी तरह प्रभावी हो गए हैं, अब यदि कोई पॉलिसी धारक अपनी बीमा पॉलिसी को मैच्योरिटी से पहले बंद करता है, तो उसे पहले के मुकाबले कहीं अधिक पैसा वापस मिलेगा

Published On:
LIC पॉलिसी धारकों की बल्ले-बल्ले! अब बीच में पॉलिसी छोड़ने पर भी मिलेगा मोटा पैसा; IRDAI का नया नियम आज से लागू
LIC पॉलिसी धारकों की बल्ले-बल्ले! अब बीच में पॉलिसी छोड़ने पर भी मिलेगा मोटा पैसा; IRDAI का नया नियम आज से लागू

 जीवन बीमा निगम (LIC) सहित देश के करोड़ों बीमा पॉलिसी धारकों के लिए बड़ी खुशखबरी है, भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) के नए सरेंडर वैल्यू नियम आज से पूरी तरह प्रभावी हो गए हैं, अब यदि कोई पॉलिसी धारक अपनी बीमा पॉलिसी को मैच्योरिटी से पहले बंद करता है, तो उसे पहले के मुकाबले कहीं अधिक पैसा वापस मिलेगा।

क्या है नया नियम?

अब तक के नियमों के अनुसार, यदि कोई ग्राहक अपनी पॉलिसी को शुरुआती दो-तीन वर्षों के भीतर बंद करता था, तो उसे जमा किए गए प्रीमियम का बहुत कम हिस्सा मिलता था या कई बार कुछ भी हाथ नहीं लगता था। लेकिन IRDAI के नए दिशा-निर्देशों के तहत, अब स्पेशल सरेंडर वैल्यू (SSV) की गणना के तरीके को बदल दिया गया है।

नए नियम के मुताबिक, अगर किसी ने कम से कम एक साल का प्रीमियम भरा है, तो वह पॉलिसी सरेंडर करने पर रिफंड का हकदार होगा।

पॉलिसी धारकों को कैसे होगा फायदा?

  • ज्यादा रिफंड: नए फॉर्मूले के तहत सरेंडर वैल्यू को सरकारी बॉन्ड (G-Sec) की यील्ड से जोड़ा गया है, जिससे ग्राहकों को मिलने वाली राशि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।
  • जल्द निकासी का विकल्प: पहले सरेंडर वैल्यू के लिए कम से कम दो साल तक प्रीमियम भरना अनिवार्य था, लेकिन अब यह अवधि घटाकर एक साल कर दी गई है।
  • पारदर्शिता: बीमा कंपनियों को अब पॉलिसी दस्तावेज में ही स्पष्ट करना होगा कि अलग-अलग समय पर पॉलिसी छोड़ने पर ग्राहक को कितनी राशि मिलेगी।

LIC ग्राहकों पर असर

देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी LIC के उन करोड़ों ग्राहकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा जो किसी वित्तीय संकट या अन्य कारणों से अपनी पॉलिसी जारी नहीं रख पाते थे जानकारों का मानना है कि इस कदम से बीमा क्षेत्र में भरोसा बढ़ेगा और लोग लंबी अवधि के निवेश के लिए प्रोत्साहित होंगे।

विशेषज्ञों की राय

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, “यह कदम ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए उठाया गया एक क्रांतिकारी फैसला है, इससे बीमा कंपनियों की मनमानी पर लगाम लगेगी और ग्राहकों को उनके निवेश का उचित मूल्य मिल सकेगा।”

 हालांकि सरेंडर वैल्यू बढ़ गई है, फिर भी विशेषज्ञों की सलाह है कि बीमा पॉलिसी को मैच्योरिटी तक चलाना ही सबसे अधिक लाभदायक होता है, क्योंकि बीच में छोड़ने पर लाइफ कवर (बीमा सुरक्षा) खत्म हो जाती है।

LIC Policy LIC Policy Surrender Value New Rules Benefits
Author
info@ortpsa.in

Leave a Comment

संबंधित समाचार