Join Contact

सावधान! किसी की फोटो खींचना या घर के बाहर CCTV लगाना पड़ सकता है भारी; हाईकोर्ट के वकील ने बताया प्राइवेसी का असली कानून

अगर आप भी सुरक्षा के नाम पर अपने घर के बाहर बेधड़क CCTV कैमरे लगवा रहे हैं या चलते-फिरते किसी की भी फोटो खींच लेते हैं, तो सावधान हो जाएं, आपकी यह 'सुरक्षा' आपको जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा सकती है कानूनी विशेषज्ञों और अदालतों के हालिया रुख ने प्राइवेसी (निजता) के अधिकार को लेकर स्थिति साफ कर दी है

Published On:
सावधान! किसी की फोटो खींचना या घर के बाहर CCTV लगाना पड़ सकता है भारी; हाईकोर्ट के वकील ने बताया प्राइवेसी का असली कानून
सावधान! किसी की फोटो खींचना या घर के बाहर CCTV लगाना पड़ सकता है भारी; हाईकोर्ट के वकील ने बताया प्राइवेसी का असली कानून

अगर आप भी सुरक्षा के नाम पर अपने घर के बाहर बेधड़क CCTV कैमरे लगवा रहे हैं या चलते-फिरते किसी की भी फोटो खींच लेते हैं, तो सावधान हो जाएं, आपकी यह ‘सुरक्षा’ आपको जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा सकती है कानूनी विशेषज्ञों और अदालतों के हालिया रुख ने प्राइवेसी (निजता) के अधिकार को लेकर स्थिति साफ कर दी है। 

CCTV लगाना अब आसान नहीं: पड़ोसियों की मर्जी है जरूरी 

हाल ही में कलकत्ता हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों (जैसे शुवेंद्र मल्लिक बनाम इंद्रनील मल्लिक, 2025) ने स्पष्ट किया है कि घर के बाहर कैमरा लगाना पड़ोसी की निजता का उल्लंघन हो सकता है। 

  • लिखित सहमति अनिवार्य: यदि आपके कैमरे का फोकस पड़ोसी के दरवाजे, खिड़की या उनके निजी आंगन की ओर है, तो उनकी लिखित अनुमति लेना अनिवार्य है।
  • साझा घरों में पाबंदी: साझा आवासीय भवनों या अपार्टमेंट्स में बिना सभी सह-निवासियों की सहमति के कैमरे नहीं लगाए जा सकते।
  • कोर्ट का कड़ा रुख: एक मामले में कोर्ट ने साफ कहा कि सुरक्षा के लिए 10 कैमरे पर्याप्त हैं, लेकिन पड़ोसी के बेडरूम या निजी क्षेत्र को कवर करने वाले अतिरिक्त 5 कैमरों को तुरंत हटाना होगा।

फोटो खींचना और सोशल मीडिया पर डालना: सीधे जेल का रास्ता 

किसी व्यक्ति की अनुमति के बिना उसकी फोटो लेना या उसे सार्वजनिक करना अब बड़ा अपराध माना जा रहा है: 

  • IT एक्ट की धारा 66E: किसी की सहमति के बिना उसके ‘प्राइवेट एरिया’ की तस्वीर खींचना या प्रसारित करना दंडनीय है। इसमें 3 साल तक की जेल या ₹2 लाख तक का जुर्माना हो सकता है।
  • मानहानि का खतरा: बिना अनुमति सोशल मीडिया पर फोटो डालना मानहानि के दायरे में भी आ सकता है।

नया कानून: DPDP एक्ट और सख्त नियम

भारत सरकार ने डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) एक्ट और IT रूल्स 2026 के जरिए निजता के नियमों को और कड़ा कर दिया है:

  • CCTV पर नई गाइडलाइंस: 1 अप्रैल, 2026 से केवल वही CCTV कैमरे बेचे या लगाए जा सकेंगे जो सुरक्षा मानकों (ER Compliant) पर खरे उतरते हों।
  • साइन बोर्ड लगाना जरूरी: सार्वजनिक क्षेत्रों में कैमरा लगाने पर “You are under CCTV surveillance” का बोर्ड लगाना अब कानूनी रूप से अनिवार्य है।

सुरक्षा के लिए कैमरा जरूर लगाएं, लेकिन सुनिश्चित करें कि उसका लेंस केवल आपकी संपत्ति, गेट या पार्किंग तक ही सीमित रहे, पड़ोसी की प्राइवेसी में दखल देना आपको भारी कानूनी मुसीबत में डाल सकता है।

Is Taking Photo or Installing CCTV Outside Someone Home Without Permission Legal Know Privacy Law
Author
info@ortpsa.in

Leave a Comment

संबंधित समाचार