
अगर आप भी अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए बैंक से पर्सनल लोन लेने की सोच रहे हैं, तो रुकिए! पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) स्कीम न केवल आपको करोड़पति बनाने की ताकत रखती है, बल्कि जरूरत पड़ने पर बेहद सस्ता लोन भी उपलब्ध कराती है, सोशल मीडिया और इंटरनेट पर ‘1% ब्याज पर लोन’ की चर्चा जोरों पर है, लेकिन इसके पीछे का गणित समझना आपके लिए बेहद जरूरी है।
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क्या है 1% ब्याज का असली गणित?
अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि PPF पर मिलने वाला लोन केवल 1% सालाना ब्याज पर मिलता है, लेकिन हकीकत थोड़ी अलग है। दरअसल, PPF लोन की ब्याज दर सीधे तौर पर उस समय की PPF ब्याज दर से जुड़ी होती है। नियम के मुताबिक, आपको PPF पर मिलने वाले ब्याज से 1% अतिरिक्त ब्याज चुकाना पड़ता है।
- उदाहरण के लिए: वर्तमान में PPF पर 7.1% ब्याज मिल रहा है। ऐसे में अगर आप लोन लेते हैं, तो आपको 8.1% (7.1% + 1%) की दर से ब्याज देना होगा। यह दर किसी भी बैंक के पर्सनल लोन (12%-18%) के मुकाबले काफी कम है।
लोन लेने की शर्तें: कब और कितना मिलेगा पैसा?
PPF खाते पर लोन लेने के लिए सरकार ने कुछ कड़े नियम तय किए हैं:
- समय सीमा: आप खाता खोलने के तीसरे वित्तीय वर्ष से लेकर छठे वित्तीय वर्ष के अंत तक ही लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- लोन की लिमिट: आप अपने अकाउंट बैलेंस का अधिकतम 25% ही लोन के तौर पर निकाल सकते हैं। यह बैलेंस लोन आवेदन वाले साल से ठीक दो साल पहले के अंत का होना चाहिए।
- चुकाने की अवधि: लोन की राशि को आपको 36 महीनों के भीतर वापस करना होता है।
सावधान! देरी करने पर लगेगा ‘जुर्माना’
अगर आप 36 महीनों की तय समय सीमा के भीतर लोन नहीं चुका पाते हैं, तो 1% वाली रियायती ब्याज दर खत्म हो जाती है, ऐसी स्थिति में आपको PPF ब्याज दर से 6% ज्यादा ब्याज देना होगा। यानी 7.1% की जगह आपको 13.1% तक का भारी ब्याज चुकाना पड़ सकता है।
एक्सपर्ट की राय: क्या यह फायदे का सौदा है?
वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि PPF लोन उन लोगों के लिए बेहतरीन है जिन्हें बहुत कम समय (Short Term) के लिए फंड की जरूरत है इसमें न तो सिबिल स्कोर (CIBIL) की जरूरत होती है और न ही लंबी कागजी कार्रवाई की हालांकि, ध्यान रहे कि जितनी राशि आप लोन के तौर पर लेते हैं, उतने हिस्से पर आपको PPF का सालाना ब्याज मिलना बंद हो जाता है।
















