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ईद का चांद कब दिखेगा? ईद कब है जानें; देखें भारत में चांद दिखने का सही समय और तारीख

ईद 2026 का चांद 19-20 मार्च को दिखने की उम्मीद। भारत में 21 मार्च को त्योहार। सऊदी में 20 तारीख संभावित। बाजार सजे, नमाज की तैयारी। चांद रात पर निर्भर, खुशियां बरसेंगी।

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रमजान महीने का समापन नजदीक आते ही देशभर में ईद-उल-फित्र की तैयारियां तेज हो गई हैं। खगोलीय गणनाओं के आधार पर शव्वाल का चांद 19 मार्च को सऊदी अरब में दिखने की पूरी आशा है, जबकि भारत जैसे दक्षिण एशियाई देशों में यह 20 मार्च की शाम नजर आ सकता है। ऐसे में ईद का मुख्य पर्व भारत में 21 मार्च को मनाया जाने की संभावना प्रबल है, जो पूरी तरह चांद के दीदार पर टिका रहेगा।

ईद का चांद कब दिखेगा? ईद कब है जानें; देखें भारत में चांद दिखने का सही समय और तारीख

चांद दिखने का अनुमान

इस बार रमजान 1 मार्च से आरंभ हुआ था। अगर 19 मार्च की शाम चांद नजर आया, तो अधिकांश मुस्लिम समुदाय अगले दिन ईद मना लेंगे। लेकिन भारत में स्थानीय परिस्थितियों के चलते चांद रात 20 मार्च को मानी जा सकती है। खगोलवेत्ता बताते हैं कि चांद की उम्र उस शाम तक 18 से 20 घंटे होगी, जो नंगी आंखों से आसानी से दिखाई दे सकता है। सूर्यास्त के ठीक बाद आसमान साफ रहने पर ही यह संभव होगा।

क्षेत्रीय अंतर स्पष्ट

ईद की तारीखें अलग-अलग देशों में भिन्न हो सकती हैं। सऊदी अरब और खाड़ी क्षेत्र में चांद जल्दी दिखने से 20 मार्च को ही त्योहार शुरू हो जाएगा। दूसरी ओर, भारत, पाकिस्तान और बंगाल देश में एक दिन का अंतर होने से 21 मार्च तय माना जा रहा है। यह फर्क चंद्र कैलेंडर की प्रकृति से उपजता है, जहां प्रत्येक इलाके का अपना चांद प्रमाणीकरण होता है।

तुलनात्मक विवरण

क्षेत्रचांद रात संभावितईद का दिन
खाड़ी देश19 मार्च 202620 मार्च 2026
भारत व पड़ोसी20 मार्च 202621 मार्च 2026

बाजारों में रौनक

उत्तर भारत के शहरों जैसे हरिद्वार, देहरादून और दिल्ली में बाजार ईद स्पेशल व्यंजनों से सजे हैं। सीरनी, बिरयानी, शीर खुरमा और मिठाइयों की मांग चरम पर है। जामा मस्जिदों और ईदगाहों पर विशेष सफाई और सजावट का कार्य चल रहा है। लोग नए कपड़े खरीदने और उपहार बांटने में जुटे हैं। रमजान के दौरान उपवास रखने वालों के लिए यह खुशियों का दिन होगा।

परंपराओं का पालन

ईद पर सुबह फज्र की नमाज के बाद ईदगाहों में सामूहिक नमाज होती है। इसके बाद गले मिलना, दुआ मांगना और जरूरतमंदों को फितरा दान देना अनिवार्य है। मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक 19-20 मार्च को साफ मौसम रहने से चांद दिखने में कोई बाधा नहीं आएगी। स्थानीय चांद समितियां सूर्यास्त के बाद निगरानी रखेंगी और घोषणा करेंगी।

यह पर्व भाईचारा, क्षमा और समृद्धि का प्रतीक है। रमजान की तपस्या के बाद मिलने वाली यह ईद सभी को एकजुट करेगी।

Author
info@ortpsa.in

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