
दुनिया अभी कोरोना की मार से पूरी तरह उबरी भी नहीं थी कि ओमिक्रोन के एक नए रूप ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है कोविड-19 का नया ‘Cicada’ (BA.3.2) वेरिएंट अब तेजी से पैर पसार रहा है इस वेरिएंट की सबसे डरावनी बात इसका एक विशिष्ट लक्षण है, जिसे मरीज ‘रेज़र ब्लेड’ जैसी गले में खराश बता रहे हैं।
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23 से ज्यादा देशों में दी दस्तक
वैज्ञानिकों के अनुसार, सिकाडा वेरिएंट अब तक अमेरिका, जर्मनी, डेनमार्क और नीदरलैंड समेत 23 से अधिक देशों में अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुका है। भारत में भी स्वास्थ्य विभाग इस पर पैनी नजर बनाए हुए है। हालांकि, अभी तक देश में मामलों में कोई बड़ा उछाल देखने को नहीं मिला है, लेकिन विशेषज्ञों ने सतर्क रहने की सलाह दी है।
क्या हैं इसके मुख्य लक्षण?
सिकाडा वेरिएंट के संक्रमितों में सबसे प्रमुख लक्षण गले में असहनीय दर्द देखा जा रहा है। मरीजों का कहना है कि उन्हें कुछ भी निगलने पर ऐसा महसूस होता है जैसे वे ‘तेज धार वाला ब्लेड’ निगल रहे हों। इसके अलावा अन्य लक्षणों में शामिल हैं:
- तेज बुखार और कंपकंपी छूटना।
- शरीर में भारी टूटन और अत्यधिक थकान।
- लगातार खांसी और नाक बंद होना।
- तेज सिरदर्द और सांस लेने में हल्की तकलीफ।
क्यों खतरनाक है यह नया वेरिएंट?
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस वेरिएंट में 70 से 75 के बीच म्यूटेशन देखे गए हैं, इतने अधिक म्यूटेशन की वजह से यह वायरस शरीर की ‘इम्यूनिटी’ यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता को चकमा देने में माहिर है, इसका मतलब है कि जिन लोगों ने वैक्सीन लगवाई है या जिन्हें पहले कोरोना हो चुका है, वे भी इसकी चपेट में आ सकते हैं।
क्या घबराने की जरूरत है?
राहत की बात यह है कि संक्रामक होने के बावजूद, अभी तक ऐसे कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिले हैं कि यह वेरिएंट पुराने ओमिक्रोन वेरिएंट से ज्यादा जानलेवा है, डॉक्टरों का कहना है कि मौजूदा वैक्सीन अभी भी गंभीर स्थिति और अस्पताल में भर्ती होने की नौबत से बचाने में कारगर हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से मास्क पहनने और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सावधानी बरतने की अपील की है।
















