
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने बच्चों के आधार कार्ड (Baal Aadhaar) बनवाने की प्रक्रिया में बड़ी राहत दी है, अब 5 साल से कम उम्र के बच्चों का आधार कार्ड बिना जन्म प्रमाण पत्र के भी बन सकता है, हालांकि इसके लिए कुछ विशेष नियम और शर्तें लागू हैं।
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UIDAI का नया नियम: मुख्य जानकारी
- वैकल्पिक दस्तावेज: यदि बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र नहीं है, तो माता-पिता अस्पताल के डिस्चार्ज कार्ड या पर्ची का उपयोग करके बच्चे का नामांकन करवा सकते हैं।
- HOF (परिवार के मुखिया) आधारित नामांकन: जन्म प्रमाण पत्र की अनुपस्थिति में, आधार नामांकन परिवार के मुखिया के आधार कार्ड और बच्चे के साथ संबंध के प्रमाण (POR) के जरिए किया जा सकता है।
- 01 अक्टूबर 2023 के बाद जन्मे बच्चों के लिए: ध्यान दें कि 1 अक्टूबर 2023 को या उसके बाद जन्म लेने वाले बच्चों के लिए जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य कर दिया गया है।
बाल आधार की विशेषताएं
- नीला आधार कार्ड: 5 साल से कम उम्र के बच्चों को नीले रंग का आधार कार्ड जारी किया जाता है।
- बायोमेट्रिक्स की जरूरत नहीं: इस उम्र के बच्चों का बायोमेट्रिक्स (उंगलियों के निशान या आईरिस स्कैन) नहीं लिया जाता; आधार केवल उनकी फोटो और माता-पिता के विवरण के आधार पर बनता है।
- अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट: बच्चे के 5 वर्ष और फिर 15 वर्ष की आयु पूरी करने पर बायोमेट्रिक अपडेट कराना अनिवार्य है।
मुफ्त बायोमेट्रिक अपडेट (विशेष राहत)
UIDAI ने 1 अक्टूबर 2025 से एक साल के लिए 7 से 15 साल की आयु के बच्चों के लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU) को पूरी तरह से मुफ्त कर दिया है, इसका उद्देश्य बच्चों को शिक्षा, छात्रवृत्ति और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के दिलाना है।
नामांकन कैसे करें?
- नजदीकी केंद्र खोजें: Bhuvan Aadhaar Portal पर जाकर अपने पास का नामांकन केंद्र देखें।
- दस्तावेज: माता-पिता का आधार कार्ड और बच्चे का अस्पताल डिस्चार्ज पेपर या संबंध प्रमाण साथ ले जाएं।
- सत्यापन: नामांकन के बाद, लगभग 30 दिनों के भीतर आधार जेनरेट हो जाता है।














