राशन कार्ड धारकों के लिए अच्छी खबर है, अब उन्हें बार बार राशन दुकानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। क्योंकि UMANG ऐप के नए ‘मेरा राशन’ फीचर ने इस परेशानी का छुटकारा निकाल दिया है। अब बस मोबाइल पर ही राशन कार्ड की सारी जानकारी, बचा हुआ अनाज का कोटा और नजदीकी दुकान का पता देख लें। ये खासकर उन मजदूर भाइयों के लिए बहुत बड़ा सहारा है, जो दूसरे राज्यों में रहकर काम करते हैं।

यह सुविधा वन नेशन वन राशन कार्ड योजना का हिस्सा है। पहले लोग महीने भर इंतजार करते या दुकानदारों से पूछताछ करते। अब ऐप खोलते ही परिवार के सदस्यों की लिस्ट, हर व्यक्ति का मासिक कोटा जैसे गेहूं पांच किलो या चावल तीन किलो की पूरी जानकारी स्क्रीन पर आ जाती है। बचा हुआ बैलेंस देखें तो पता चल जाता है कि महीने में कितना अनाज बाकी है। ऊपर से पिछले छह महीनों का पूरा हिसाब भी उपलब्ध है, जिसमें लिया गया राशन और तारीखें दर्ज हैं।
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कैसे शुरू करें इस्तेमाल?
सबसे आसान तरीका। प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से UMANG ऐप डाउनलोड करें। अपना मोबाइल नंबर डालें और OTP से वेरीफाई कर लें। लॉगिन होने के बाद सर्च बॉक्स में मेरा राशन लिखें। PDS विभाग चुनें और अपना राशन कार्ड नंबर या आधार नंबर भरें। बस कुछ ही सेकंड में सारी डिटेल खुल जाएगी। लोकेशन ऑन रखें तो नक्शे पर सबसे पास की फेयर प्राइस शॉप यानी राशन दुकान दिखाई देगी। GPS की मदद से रास्ता भी ट्रेस हो जाता है।
क्यों है यह खास?
यह फीचर पारदर्शिता लाता है। दुकानदार अब मनमानी नहीं कर सकेंगे क्योंकि सब कुछ रिकॉर्ड में है। ग्रामीण इलाकों में जहां साक्षरता कम है वहां भी सरल हिंदी इंटरफेस से कोई परेशानी नहीं। उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में यात्रा मुश्किल होने पर यह वरदान साबित हो रहा है। सरकार का मकसद है कि कोई भूखा न रहे और सबको उनका हक समय पर मिले। इंटरनेट पहुंच बढ़ने से Jio और एयरटेल जैसे नेटवर्क इसे और मजबूत कर रहे हैं।
भविष्य की संभावनाएं
UMANG ऐप अब दो हजार से ज्यादा सरकारी सेवाओं का केंद्र बन चुका है। राशन के अलावा बिजली बिल, लाइसेंस रिन्यूअल सब एक जगह। आने वाले दिनों में e-KYC और नया राशन कार्ड बनवाने की सुविधा भी जुड़ सकती है। देहरादून में शुरुआती टेस्टिंग से लोग उत्साहित हैं। अगर आपका राशन कार्ड आधार से लिंक है तो आज ही ट्राई करें। यह छोटा सा कदम आत्मनिर्भर भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। डिजिटल सशक्तिकरण की यह मिसाल देशभर में फैलनी चाहिए।
















