भारत के किसान अब परंपरागत खेती छोड़ विदेशी फलों की ओर मुड़ रहे हैं, खासकर ड्रैगन फ्रूट जो कम समय में भारी मुनाफा दे रहा है। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी और छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जैसे इलाकों में किसान इस फसल से सालाना लाखों कमा रहे हैं। एक एकड़ में कम लागत से 10 लाख तक की कमाई संभव है, और सरकार सब्सिडी व मुफ्त पौधे उपलब्ध करा रही है।

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ड्रैगन फ्रूट, कमाई का नया राजा
यह मैक्सिको मूल का कैक्टस जैसा फल बंजर जमीन पर भी उगता है और कम पानी की जरूरत पड़ती है। एक एकड़ में 1800 से 2000 पौधे लगाने का शुरुआती खर्च करीब डेढ़ से दो लाख रुपये होता है, जिसमें खंभे, ड्रिप इरिगेशन और खाद शामिल हैं। पहली फसल 16 से 18 महीने में तैयार हो जाती है, हालांकि कुछ किसान दावा करते हैं कि शुरुआती लाभ 6 महीने में दिखने लगता है।
प्रति पौधे 10 से 15 फल मिलते हैं, प्रत्येक 200 से 400 ग्राम का। बाजार में इसकी कीमत 150 से 300 रुपये प्रति किलो तक रहती है। सालाना 10 से 20 टन उपज से शुद्ध लाभ 7 से 10 लाख रुपये तक पहुंच जाता है। यह पौधा एक बार लगाने पर 25 साल तक फल देता है और साल में दो से तीन फसलें लाता है। इसके एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन से भरपूर होने से शहरों, होटलों में डिमांड तेज है।
सरकारी योजनाओं से मुफ्त पौधे और सब्सिडी
केंद्र सरकार का राष्ट्रीय बागवानी मिशन (एनएचएम) और राज्य स्तर की योजनाएं विदेशी फलों को बढ़ावा दे रही हैं। 40 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलती है, जिसमें पौधे मुफ्त या कम दाम पर दिए जाते हैं। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में 10 हेक्टेयर का ड्रैगन फ्रूट प्रोजेक्ट चल रहा है। किसान जिला उद्यान विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) या पीएमकेएसवाई पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। महाराष्ट्र, गुजरात जैसे राज्य ट्रेनिंग और उपकरण भी मुहैया कराते हैं। स्टार फ्रूट जैसी अन्य फसलें भी इन योजनाओं में शामिल हैं।
सफल किसानों की कहानियां
बाराबंकी के किसान गया प्रसाद ने डेढ़ एकड़ में 1000 पौधे लगाकर प्रति किलो 250-300 रुपये में बिक्री की। छत्तीसगढ़ के मनजीत सिंह ने स्टार फ्रूट से एक एकड़ में लाखों कमाए। महिंद्रा नर्सरी जैसे संस्थान 10 लाख सालाना कमाई का लक्ष्य बता रहे हैं। अंतरफसल जैसे सब्जियां लगाकर आय और बढ़ाई जा सकती है।
खेती का आसान तरीका
जून-जुलाई में रोपण करें, जमीन में अच्छी जल निकासी हो और पीएच 6.5 से 7.5 हो। पौधों को दो मीटर दूरी पर खंभों के सहारे लगाएं। ड्रिप सिंचाई जरूरी है, जैविक खाद दें और आवारा पशुओं से बचाव करें। बाजार जोड़ने के लिए शहरों या होटलों से सीधे संपर्क करें।
















