
अगर आप भी घर में बड़ी मात्रा में नकदी (Cash) रखते हैं या बैंक में बड़ा ट्रांजैक्शन करने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है, हाल ही में आए कोर्ट के आदेशों और आयकर विभाग (Income Tax) के आगामी नियमों ने कैश रखने और जमा करने की पूरी प्रक्रिया को बदल दिया है।
Table of Contents
कितना कैश रख सकते हैं घर में?
नियमों के मुताबिक, घर में कैश रखने की कोई तय सीमा नहीं है। आप जितना चाहें उतना पैसा घर में रख सकते हैं, बशर्ते आपके पास उस पैसे का कानूनी स्रोत (Source) और ठोस सबूत हो। यदि कभी जांच होती है, तो आपको यह साबित करना होगा कि वह पैसा आपकी कमाई या वैध बचत का हिस्सा है।
अदालत का बड़ा फैसला: बुजुर्गों को बड़ी राहत
इनकम टैक्स अपीलीय ट्रिब्यूनल (ITAT) ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है, अदालत ने एक मामले में माना कि बुजुर्गों और वरिष्ठ नागरिकों द्वारा घर में रखी गई नकदी को हमेशा ‘अवैध’ नहीं माना जा सकता ट्रिब्यूनल ने कहा कि यदि पैसा पिछली बचत या बैंक से निकाले गए फंड से जुड़ा है, तो वरिष्ठ नागरिकों को इसका हिसाब देने में थोड़ी रियायत मिलनी चाहिए।
बैंक में पैसा जमा करने के बदले नियम (1 अप्रैल 2026 से प्रभावी)
सरकार ने आयकर नियमों (Income Tax Rules 2026) में बड़े बदलाव किए हैं। बैंक में पैसा जमा करने से पहले इन बातों का ध्यान रखें:
- पैन कार्ड (PAN Card) की अनिवार्यता: वर्तमान में 50,000 रुपये से अधिक जमा पर पैन जरूरी है, लेकिन नए नियमों के तहत, यदि साल भर में आपके खाते में कुल जमा या निकासी 10 लाख रुपये से अधिक होती है, तो पैन कार्ड और सख्त वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा।
- रिपोर्टिंग सीमा: बचत खाते (Savings Account) में साल भर में 10 लाख रुपये और चालू खाते (Current Account) में 50 लाख रुपये से अधिक का कैश जमा होते ही बैंक इसकी जानकारी सीधे आयकर विभाग को देंगे।
- कैश लेन-देन पर रोक: धारा 269ST के तहत, आप किसी भी व्यक्ति से एक दिन में 2 लाख रुपये या उससे अधिक कैश नहीं ले सकते। ऐसा करने पर भारी जुर्माना लग सकता है।
सावधान! पकड़ में आए तो लगेगा 78% टैक्स
अगर जांच के दौरान आपके पास ऐसा कैश मिलता है जिसका आप हिसाब नहीं दे पाते, तो आयकर विभाग धारा 115BBE के तहत उस पर 78% तक टैक्स और सरचार्ज वसूल सकता है, इसके अलावा, 200% तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
विशेषज्ञों की सलाह है कि घर में रखे कैश का हमेशा रिकॉर्ड (जैसे बैंक विड्रॉल स्लिप या सेल डीड) रखें, बैंक में बड़े ट्रांजैक्शन करने से पहले अपनी ‘इनकम प्रोफाइल’ जरूर जांच लें ताकि भविष्य में आयकर विभाग के नोटिस से बचा जा सके।
















