
उत्तर प्रदेश सरकार की ‘निशुल्क बोरिंग योजना’ राज्य के लघु और सीमांत किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन किसानों की मदद करना है, जिनके पास सिंचाई के आधुनिक साधनों का अभाव है, योजना के जरिए न केवल खेती के लिए पानी की किल्लत दूर होगी, बल्कि किसानों की लागत में कमी और पैदावार में बढ़ोतरी भी सुनिश्चित की जा रही है।
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किसानों को मिलने वाली सब्सिडी और लाभ
योजना के तहत अलग-अलग श्रेणियों के आधार पर अनुदान (सब्सिडी) की राशि तय की गई है:
- सामान्य श्रेणी के लघु किसान: बोरिंग के लिए अधिकतम ₹5,000 की सहायता।
- सामान्य श्रेणी के सीमांत किसान: बोरिंग के लिए अधिकतम ₹7,000 की सहायता।
- SC/ST वर्ग के किसान: अनुसूचित जाति और जनजाति के लघु व सीमांत किसानों को ₹10,000 तक का अनुदान दिया जाता है।
- पंपसेट पर अतिरिक्त लाभ: बोरिंग के साथ-साथ पंपसेट लगाने के लिए भी अलग से सब्सिडी का प्रावधान है।
कौन कर सकता है आवेदन? (पात्रता)
- आवेदक उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए।
- सामान्य श्रेणी के किसानों के पास कम से कम 0.2 हेक्टेयर कृषि भूमि होनी चाहिए।
- अनुसूचित जाति/जनजाति के किसानों के लिए भूमि की कोई न्यूनतम सीमा अनिवार्य नहीं है।
- किसान का पंजीकरण ‘पारदर्शी किसान सेवा पोर्टल’ पर होना जरूरी है।
- जिन किसानों ने पहले इस योजना का लाभ लिया है, वे दोबारा पात्र नहीं होंगे।
जरूरी दस्तावेज (Checklist)
आवेदन के समय आपके पास ये दस्तावेज होने चाहिए:
- आधार कार्ड और मोबाइल नंबर (आधार से लिंक)।
- खसरा-खतौनी की ताजा नकल (भूमि अभिलेख)।
- जाति प्रमाण पत्र (SC/ST वर्ग के लिए)।
- बैंक पासबुक की फोटोकॉपी और पासपोर्ट साइज फोटो।
आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step)
आप इस योजना के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं:
- ऑनलाइन तरीका: लघु सिंचाई विभाग की आधिकारिक वेबसाइट minorirrigationup.gov.in पर जाएं। यहाँ ‘योजनाएं’ सेक्शन में जाकर ‘निशुल्क बोरिंग’ का विकल्प चुनें और अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करें।
- ऑफलाइन तरीका: आप अपने क्षेत्र के विकास खंड अधिकारी (BDO) या तहसील के लघु सिंचाई कार्यालय से आवेदन फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं। फॉर्म भरकर और दस्तावेज संलग्न कर वहीं जमा कर दें।
आवेदन की स्थिति और चयन की प्रक्रिया की जानकारी के लिए अपने जिले के कृषि विभाग या विकास भवन में संपर्क किया जा सकता है।
















