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Income Tax New Rules: आज से बदल गया आपकी ‘इन-हैंड सैलरी’ का गणित! 1 अप्रैल से लागू हुए टैक्स के ये 7 नए नियम; जानें आपकी बचत पर क्या होगा असर

 1 अप्रैल यानी नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही नौकरीपेशा लोगों की जेब और बचत से जुड़े नियमों में बड़ा फेरबदल हो गया है, केंद्र सरकार द्वारा Income Tax Act, 2025 लागू किए जाने के बाद अब आपकी 'इन-हैंड सैलरी' (Take-home Salary) का पूरा गणित बदल चुका है नए लेबर कोड और टैक्स स्लैब में हुए इन बदलावों का सीधा असर आपके मासिक बजट और भविष्य की बचत पर पड़ने वाला है

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Income Tax New Rules: आज से बदल गया आपकी 'इन-हैंड सैलरी' का गणित! 1 अप्रैल से लागू हुए टैक्स के ये 7 नए नियम; जानें आपकी बचत पर क्या होगा असर
Income Tax New Rules: आज से बदल गया आपकी ‘इन-हैंड सैलरी’ का गणित! 1 अप्रैल से लागू हुए टैक्स के ये 7 नए नियम; जानें आपकी बचत पर क्या होगा असर

 1 अप्रैल यानी नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही नौकरीपेशा लोगों की जेब और बचत से जुड़े नियमों में बड़ा फेरबदल हो गया है, केंद्र सरकार द्वारा Income Tax Act, 2025 लागू किए जाने के बाद अब आपकी ‘इन-हैंड सैलरी’ (Take-home Salary) का पूरा गणित बदल चुका है, नए लेबर कोड और टैक्स स्लैब में हुए इन बदलावों का सीधा असर आपके मासिक बजट और भविष्य की बचत पर पड़ने वाला है।

टेक-होम सैलरी में कटौती, पीएफ में इजाफा

नए लेबर कोड के लागू होने से अब कंपनियों को कर्मचारी की ‘बेसिक सैलरी’, कुल सीटीसी (CTC) का कम से कम 50% रखनी होगी। बेसिक सैलरी बढ़ने का सीधा मतलब है कि आपके पीएफ (PF) और ग्रेच्युटी में योगदान बढ़ जाएगा। इससे आपकी रिटायरमेंट सेविंग तो मजबूत होगी, लेकिन हर महीने हाथ में आने वाली सैलरी (In-hand Salary) कुछ कम हो सकती है।

₹12 लाख तक की आय अब पूरी तरह ‘टैक्स फ्री’

मध्यम वर्ग के लिए सबसे बड़ी राहत नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) में आई है। अब ₹12 लाख तक की टैक्सेबल इनकम पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। सरकार ने धारा 87A के तहत मिलने वाली रिबेट (Rebate) को बढ़ाकर ₹60,000 कर दिया है, जिससे एक बड़े वर्ग को सीधा फायदा मिलेगा।

स्टैंडर्ड डिडक्शन का लाभ

सैलरीड क्लास के लिए ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Deduction) जारी रहेगा। इसका मतलब यह है कि अगर आप नई व्यवस्था चुनते हैं, तो ₹12.75 लाख तक की ग्रॉस सैलरी पर आपको प्रभावी रूप से ‘जीरो टैक्स’ देना होगा।

HRA छूट के दायरे में आए नए शहर

अब तक केवल दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई के कर्मचारियों को ही 50% एचआरए (HRA) छूट का लाभ मिलता था लेकिन अब इस सूची में बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद और अहमदाबाद को भी शामिल कर लिया गया है। हालांकि, इस छूट के लिए मकान मालिक का पैन (PAN) और रेंट रसीद देना अनिवार्य कर दिया गया है।

मील कार्ड (Meal Card) पर बढ़ी टैक्स बचत

महंगाई को देखते हुए सरकार ने मील कार्ड या फूड कूपन (जैसे Sodexo) पर टैक्स कटौती की सीमा को बढ़ा दिया है, अब कर्मचारी सालाना ₹1.05 लाख तक के मील कूपन पर टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं, जो पहले काफी कम थी।

शेयर बायबैक और F&O पर नया नियम

अगर आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं, तो सावधान हो जाएं। अब कंपनियों द्वारा किए जाने वाले ‘शेयर बायबैक’ से होने वाली कमाई पर शेयरधारकों को ‘कैपिटल गेन्स’ टैक्स देना होगा साथ ही, F&O (फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस) ट्रेडिंग पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) की दरें भी आज से बढ़ गई हैं।

सीनियर सिटीजन्स को बड़ी राहत

बुजुर्गों के लिए डिडक्शन की सीमा को ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख कर दिया गया है, इसके अलावा, धारा 80TTB के तहत बैंक और पोस्ट ऑफिस के ब्याज से होने वाली आय पर भी ₹1 लाख तक की छूट मिलने की संभावना है।

आज से लागू हुए ये नियम स्पष्ट करते हैं कि सरकार का जोर भविष्य की बचत और कर प्रणाली को सरल बनाने पर है, हालांकि, निवेश के विकल्पों और टेक-होम सैलरी को लेकर अब आपको अपनी वित्तीय योजना (Financial Planning) नए सिरे से बनाने की जरूरत होगी।

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Author
info@ortpsa.in

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