
देश में गहराते ऊर्जा संकट और LPG सिलेंडरों की किल्लत के बीच केंद्र सरकार ने आम आदमी को बड़ी राहत देने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने नियमों में ढील देते हुए अब चुनिंदा पेट्रोल पंपों से केरोसिन (मिट्टी का तेल) बेचने की अनुमति दे दी है।
ईरान-इजरायल युद्ध के चलते वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की आपूर्ति बाधित होने के कारण यह कदम उठाया गया है। सरकार की इस ‘एड-हॉक’ व्यवस्था से उन परिवारों को सबसे ज्यादा मदद मिलेगी जो रसोई गैस की कमी से जूझ रहे हैं।
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नए दिशा-निर्देशों की मुख्य बातें
- पेट्रोल पंपों पर उपलब्धता: अब केवल राशन की दुकानों तक सीमित न रहकर केरोसिन तेल सरकारी तेल कंपनियों (IOC, BPCL, HPCL) के चिह्नित पेट्रोल पंपों पर भी उपलब्ध होगा।
- 60 दिनों की विशेष छूट: यह व्यवस्था फिलहाल 60 दिनों के लिए लागू की गई है, ताकि मौजूदा संकट के दौरान ईंधन की कमी को पूरा किया जा सके।
- स्टॉक और सीमा: अधिसूचना के अनुसार, प्रत्येक अधिकृत पेट्रोल पंप 5,000 लीटर तक केरोसिन का स्टॉक रख सकेगा। राज्य सरकारें प्रति जिले अधिकतम दो पेट्रोल पंपों को इस बिक्री के लिए नामांकित कर सकेंगी।
- 21 राज्यों में वापसी: दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और गुजरात जैसे उन 21 राज्यों में भी केरोसिन की आपूर्ति फिर से शुरू होगी, जहाँ इसे पहले बंद कर दिया गया था।
क्यों लेना पड़ा यह फैसला?
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, भारत में LPG की मांग के मुकाबले आपूर्ति कम होने से सिलेंडरों की डिलीवरी में देरी हो रही है, इसी को देखते हुए सरकार ने खाना पकाने और रोशनी के वैकल्पिक स्रोत के रूप में केरोसिन को सुलभ बनाने का निर्णय लिया है।
राहत की एक और किरण
सूत्रों के अनुसार, देश में गैस की कमी को दूर करने के लिए 94 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर दो विशाल टैंकर भारत की ओर रवाना हो चुके हैं इनमें से एक जहाज आज गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंच रहा है, जिससे आने वाले दिनों में गैस संकट कम होने की उम्मीद है।
















