
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार कार्ड धारकों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण अलर्ट जारी किया है नए अपडेट के मुताबिक, अब आधार कार्ड में दो बार अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट कराना आवश्यक होगा, यदि कार्ड धारक इस नियम की अनदेखी करते हैं, तो उन्हें बैंकिंग से लेकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
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किनके लिए है ‘2 बार’ वाला यह नियम?
UIDAI के निर्देशों के अनुसार, यह नियम मुख्य रूप से बच्चों के आधार कार्ड के लिए है बच्चों के शारीरिक विकास के साथ उनके फिंगरप्रिंट और आंखों की पुतली (Iris) में बदलाव आता है, इसलिए दो चरणों में अपडेट अनिवार्य है:
- 5 वर्ष की आयु पर: जब बच्चा 5 साल का हो जाए, तब उसका पहला अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट कराना होगा।
- 15 वर्ष की आयु पर: दूसरी बार यह अपडेट तब कराना होगा जब बच्चा 15 साल की आयु पूरी कर ले।
राहत की बात: UIDAI ने घोषणा की है कि 5 से 17 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए यह अनिवार्य अपडेट 30 सितंबर 2026 तक बिल्कुल मुफ्त रहेगा। इसके बाद अपडेट कराने पर ₹125 तक का शुल्क देना पड़ सकता है।
10 साल पुराना आधार है? तो तुरंत करें ये काम
सिर्फ बच्चे ही नहीं, बल्कि उन वयस्कों के लिए भी बड़ी चेतावनी है जिनका आधार कार्ड 10 साल पहले बना था और तब से एक बार भी अपडेट नहीं हुआ है। ऐसे लोगों को अपने ‘पहचान का प्रमाण’ (POI) और ‘पते का प्रमाण’ (POA) अपडेट करना अनिवार्य है।
ऑनलाइन अपडेट करने की यह सुविधा 14 जून 2026 तक मुफ्त है। इसके बाद पोर्टल पर भी शुल्क देना होगा।
गलत जानकारी सुधारने की भी है ‘लिमिट’
UIDAI ने धोखाधड़ी रोकने के लिए डेटा अपडेट की सीमा भी तय कर दी है:
- नाम (Name): पूरे जीवनकाल में केवल 2 बार बदला जा सकता है।
- जन्म तिथि (DOB): केवल 1 बार अपडेट की जा सकती है।
- लिंग (Gender): केवल 1 बार बदलने की अनुमति है।
अपडेट न करने पर क्या होगा?
यदि समय रहते बायोमेट्रिक और दस्तावेज अपडेट नहीं किए गए, तो आधार कार्ड ‘सस्पेंड’ या ‘डीएक्टिवेट’ हो सकता है, ऐसी स्थिति में आपकी पेंशन, पीएम किसान निधि, राशन कार्ड और बैंक ट्रांजेक्शन जैसी सेवाएं रुक सकती हैं।
















