उत्तर प्रदेश के स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर धारकों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। अब अगर आप रिचार्ज करने के बावजूद दो घंटे तक बिजली की सप्लाई बहाल न हो तो बिजली कंपनी को आपको प्रतिदिन 50 रुपये का मुआवजा देना होगा। यह व्यवस्था 13 मार्च से पूरी तरह लागू हो जाएगी और लाखों उपभोक्ताओं को इसमें फायदा मिलेगा।

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नया नियम कैसे काम करेगा?
स्मार्ट मीटर में जब बैलेंस खत्म हो जाता है तो कनेक्शन अपने आप कट जाता है। रिचार्ज करने के बाद सामान्यत: बिजली तुरंत चालू हो जानी चाहिए। लेकिन अगर सर्वर की समस्या या अन्य तकनीकी खराबी से दो घंटे के अंदर सप्लाई न लौटे तो उपभोक्ता को मुआवजा मिलेगा। यह राशि सीधे आपके खाते में जमा होगी या अगले बिल से काट ली जाएगी। राज्य के करीब 70 लाख परिवार इस नई व्यवस्था के दायरे में आ जाएंगे।
क्या हैं मुख्य शर्तें?
इस मुआवजे का लाभ लेने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। सबसे पहले रिचार्ज की रसीद और समय का प्रमाण सुरक्षित रखें। अगर देरी किसी बाहरी वजह जैसे लाइन फॉल्ट या ट्रांसफॉर्मर खराबी से न होकर सिस्टम की गड़बड़ी से हो तो ही यह लागू होगा। शिकायत दर्ज कराने पर नंबर नोट करें ताकि बाद में फॉलोअप कर सकें। ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी कमजोर होने से ऐसी दिक्कतें ज्यादा देखने को मिल सकती हैं।
पुराने अतिरिक्त चार्ज पर भी राहत
स्मार्ट मीटर लगाने के नाम पर पहले वसूले गए अतिरिक्त पैसे भी अब वापस मिलेंगे। पिछले एक साल में उपभोक्ताओं से लिए गए करीब 127 करोड़ रुपये बिलों में एडजस्ट होकर लौटाए जाएंगे। इससे कई परिवारों का बोझ कम होगा। मीटरों पर जमा निगेटिव बैलेंस करीब 1400 करोड़ रुपये का है जो इस व्यवस्था से नियंत्रित होगा।
उपभोक्ताओं के लिए उपयोगी सलाह
हमेशा मीटर में थोड़ा अतिरिक्त बैलेंस रखें खासकर रात या छुट्टी के समय। बिजली कंपनी का आधिकारिक ऐप इस्तेमाल करें जहां रिचार्ज इतिहास और बैलेंस चेक आसानी से हो जाता है। समस्या होने पर हेल्पलाइन नंबर पर तुरंत संपर्क करें। यह कदम बिजली कंपनियों पर जिम्मेदारी बढ़ाएगा और उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी से बचाएगा।
भविष्य में क्या उम्मीद
यह फैसला न केवल वित्तीय सुरक्षा देगा बल्कि स्मार्ट मीटर सिस्टम को और पारदर्शी बनाएगा। पहले उपभोक्ता रिचार्ज के बाद घंटों इंतजार करते थे अब उन्हें मुआवजा मिलेगा। बिजली विभाग को अपनी तकनीक मजबूत करनी होगी ताकि ऐसी शिकायतें कम हों। यूपी के घर-घर में अब बिजली का कनेक्शन ज्यादा भरोसेमंद बनेगा।
















