Join Contact

1 या 2 नहीं, इस देश की हैं 3 राजधानियां! दुनिया का इकलौता देश जहाँ की सरकार तीन अलग शहरों से चलती है, जानें वजह

दक्षिण अफ्रीका दुनिया का एकमात्र देश है, जहां प्रिटोरिया (प्रशासनिक), केप टाउन (विधायी) और ब्लोमफॉन्टेन (न्यायिक) तीन राजधानियां हैं। 1910 में चार ब्रिटिश उपनिवेशों के संघ से बनी यह व्यवस्था क्षेत्रीय संतुलन के लिए आज भी बरकरार है। UPSC जैसी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण।

Published On:
which country in world has three capitals kis desh ki 3 rajdhaniya hai

दुनिया के हर देश की अपनी एक खास पहचान होती है और उसकी राजधानी उसका राजनीतिक व प्रशासनिक केंद्र होती है। भारत की नई दिल्ली की तरह अधिकांश देशों की एक ही राजधानी होती है, लेकिन दक्षिण अफ्रीका एक अपवाद है। यहां एक नहीं, दो नहीं बल्कि तीन अलग-अलग शहर राजधानी का दर्जा रखते हैं – प्रिटोरिया, केप टाउन और ब्लोमफॉन्टेन। यह अनोखी व्यवस्था न केवल जिज्ञासा जगाती है, बल्कि UPSC, SSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी महत्वपूर्ण है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

दक्षिण अफ्रीका का इतिहास उपनिवेशवाद से जुड़ा है। 17वीं शताब्दी में डच ईस्ट इंडिया कंपनी ने केप ऑफ गुड होप पर बस्ती बसाई, जो बाद में ब्रिटिश साम्राज्य के अधीन आ गई। 19वीं सदी में एंग्लो-बोअर युद्धों के बाद चार प्रमुख क्षेत्र- केप कॉलोनी, नेटाल, ट्रांसवाल और ऑरेंज फ्री स्टेट – 1910 में एक होकर यूनियन ऑफ साउथ अफ्रीका बने। सभी क्षेत्र अपनी राजधानी चाहते थे, जिससे विवाद बढ़ा। ब्रिटिश मध्यस्थता में समझौता हुआ: प्रत्येक शाखा के लिए अलग शहर। 1961 में गणराज्य बनने और 1994 में अपार्टहाइड खत्म होने के बाद भी यह व्यवस्था बरकरार रही।

तीन राजधानियां

दक्षिण अफ्रीका की सरकार तीन शहरों से चलती है, जो शासन की विकेंद्रीकरण को दर्शाता है।

  • प्रिटोरिया (प्रशासनिक राजधानी): ट्रांसवाल का केंद्र। यहां राष्ट्रपति भवन (यूनियन बिल्डिंग्स) और मुख्य प्रशासनिक कार्यालय हैं। एंग्लो-बोअर युद्ध के बाद यह सरकारी केंद्र बना। विदेशी दूतावास भी यहीं हैं।
  • केप टाउन (विधायी राजधानी): केप कॉलोनी का ऐतिहासिक शहर। संसद भवन यहीं है, जहां विधेयक पारित होते हैं। मस्जिद माउंटेन की खूबसूरती के साथ यह व्यापारिक केंद्र रहा।​
  • ब्लोमफॉन्टेन (न्यायिक राजधानी): ऑरेंज फ्री स्टेट का शहर। सर्वोच्च अपील कोर्ट और उच्च न्यायालय यहां हैं। संवैधानिक न्यायालय जोहान्सबर्ग में है, लेकिन मुख्य न्यायिक कार्य यहीं।​

यह विभाजन क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखता है – प्रिटोरिया उत्तर में, केप टाउन दक्षिण-पश्चिम में, ब्लोमफॉन्टेन मध्य में।

क्यों बनी तीन राजधानियां?

1910 के संघ बनाते समय कोई एक शहर चुनना असंभव था। ट्रांसवाल ने प्रिटोरिया का ऐतिहासिक महत्व बताया, केप ने संसदीय विरासत, ब्लोमफॉन्टेन ने न्यायिक ढांचा। नेटाल का पीटरमारिट्जबर्ग बाहर हो गया। यह Boer गणराज्यों को ब्रिटिश प्रभुत्व के बाद मनाने का तरीका था। अपार्टहाइड के दौरान गोरे अल्पसंख्यक शासन में यह प्रथा चली। 1994 में ANC सरकार ने एकीकरण या नई राजधानी (जैसे ब्रासीलिया मॉडल) पर विचार किया, लेकिन विविधता बनाए रखी। इससे नस्लीय व प्रांतीय संतुलन रहता है।​

चुनौतियां और आर्थिक बोझ

तीन राजधानियां सुविधाजनक नहीं। सांसदों व अधिकारियों की यात्रा पर सालाना करोड़ों रैंड (लगभग 25 करोड़ रुपये) खर्च होते हैं। 1994 के बाद प्रस्ताव आए कि सब प्रिटोरिया शिफ्ट हो, लेकिन राजनीतिक इच्छाशक्ति नाकाफी रही। फिर भी, यह दक्षिण अफ्रीका की ‘रेनबो नेशन’ विविधता का प्रतीक है।​​

वैश्विक नजरिया और तुलना

संयुक्त राष्ट्र तीनों को मान्यता देता है। अन्य देशों जैसे बोलीविया (दो राजधानियां) से अलग, दक्षिण अफ्रीका इकलौता है। भारत के राज्यों (जैसे कश्मीर की श्रीनगर-जम्मू) से तुलना हो सकती है, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर अनोखा। पर्यटन को बढ़ावा मिलता है- प्रिटोरिया की हरियाली, केप टाउन का समुद्र तट, ब्लोमफॉन्टेन की शांति।

Author
info@ortpsa.in

Leave a Comment

संबंधित समाचार