
स्वरोजगार को बढ़ावा देने और आम जनता को सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने ‘प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना’ (PMBJP) के विस्तार का बड़ा फैसला लिया है, सरकार आगामी मार्च महीने से नए जन औषधि केंद्र खोलने के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करने जा रही है, इस योजना की सबसे खास बात यह है कि सरकार नए केंद्र संचालकों को फर्नीचर और शुरुआती स्टॉक के लिए ₹5 लाख से लेकर ₹7 लाख तक की वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है।
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सरकार से मिलेगी भारी सब्सिडी
नई योजना के तहत जन औषधि केंद्र खोलने वालों को दो श्रेणियों में वित्तीय सहायता दी जा रही है:
- सामान्य प्रोत्साहन: सभी संचालकों को मासिक खरीद पर 15% (अधिकतम ₹15,000 प्रति माह) का इंसेंटिव दिया जाएगा, जो कुल ₹5 लाख तक होगा।
- विशेष प्रोत्साहन: महिला उद्यमियों, एससी/एसटी, दिव्यांगों और उत्तर-पूर्वी राज्यों के आवेदकों को फर्नीचर, फिक्स्चर और कंप्यूटर सिस्टम के लिए ₹2 लाख की अतिरिक्त एकमुश्त सहायता मिलेगी।
कौन कर सकता है आवेदन?
जन औषधि केंद्र खोलने के लिए आवेदक के पास B.Pharma या D.Pharma की डिग्री होना अनिवार्य है, यदि आवेदक खुद फार्मासिस्ट नहीं है, तो उसे केंद्र चलाने के लिए एक पंजीकृत फार्मासिस्ट नियुक्त करना होगा इसके अलावा, आवेदक के पास कम से कम 120 वर्ग फुट की दुकान (अपनी या किराए की) होनी चाहिए।
कमाई का सुनहरा मौका
केंद्र संचालकों को दवाओं की एमआरपी (MRP) पर सीधा 20% का प्रॉफिट मार्जिन दिया जाता है, इसके अलावा, मासिक इंसेंटिव के जरिए होने वाली अतिरिक्त आय इस व्यवसाय को आर्थिक रूप से बेहद आकर्षक बनाती है।
कैसे करें आवेदन?
इच्छुक उम्मीदवार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट janaushadhi.gov.in पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं, आवेदन के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, दुकान का नक्शा और फार्मासिस्ट का प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज आवश्यक होंगे, सामान्य वर्ग के लिए आवेदन शुल्क ₹5,000 रखा गया है, जबकि विशेष श्रेणियों के लिए यह पूरी तरह नि:शुल्क है।
















