भारत सरकार ने डिजिटल दुनिया में फैल रही अश्लीलता पर एक और कड़ा प्रहार किया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने पांच OTT प्लेटफॉर्म्स को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया है। इनमें MoodXVIP, Koyal Playpro, Digi Movieplex, Feel और Jugnu शामिल हैं। इनके ऐप्स और वेबसाइट्स अब देशभर में किसी भी डिवाइस पर काम नहीं करेंगे। यह कदम IT नियमों के तहत उठाया गया, ताकि परिवारों और खासकर बच्चों को आपत्तिजनक सामग्री से बचाया जा सके।

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अश्लील कंटेंट का खुलासा
इन प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध वीडियो और शो की जांच में गंभीर खामियां सामने आईं। यहां ज्यादातर सामग्री में पोर्नोग्राफिक दृश्य, नग्नता और स्पष्ट यौन इशारे भरे पड़े थे। कोई कथा नहीं, कोई संदेश नहीं, बस अश्लीलता का बोलबाला। सरकार ने पहले इन कंपनियों को नोटिस भेजकर कंटेंट हटाने का मौका दिया। लेकिन सुधार न होने पर सीधे ब्लॉकिंग का फैसला लिया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे ऐप्स युवाओं को गुमराह कर रहे थे और समाज में नैतिक पतन फैला रहे थे।
लगातार सख्ती का सिलसिला
यह कार्रवाई अचानक नहीं हुई। पिछले साल जुलाई में 25 OTT ऐप्स पर इसी तरह पाबंदी लगी थी। उनमें Ullu, Prime Play, WooW और Rabbit Movies जैसे नाम थे। उससे पहले 2024 में 18 और प्लेटफॉर्म्स का निपटारा हो चुका। कुल मिलाकर दो सालों में 50 से ज्यादा ऐसे ऐप्स बंद हो चुके। मंत्रालय अब AI आधारित निगरानी और साइबर टीमों के साथ मिलकर काम कर रहा। हर संदिग्ध प्लेटफॉर्म पर नजर रखी जा रही, ताकि कोई नया खतरा न उभरे।
फोन यूजर्स के लिए जरूरी कदम
अगर आपके स्मार्टफोन या टैबलेट में ये ऐप्स मौजूद हैं, तो तुरंत हटाएं। ये अब बेकार हो चुके हैं और साइबर हमलों का शिकार भी बन सकते हैं। अनइंस्टॉल करने का आसान तरीका इस प्रकार है:
- अपने फोन की सेटिंग्स खोलें।
- ऐप्स या एप्लीकेशन्स सेक्शन में जाएं।
- MoodXVIP, Koyal Playpro, Digi Movieplex, Feel या Jugnu खोजें।
- हर ऐप के बगल में uninstall बटन दबाएं।
- कन्फर्मेशन पर हां कहें और प्रोसेस पूरा होने दें।
Google Play स्टोर या ऐपल स्टोर पर जाकर भी चेक कर सकते हैं। भविष्य में नए OTT चुनते समय रिव्यूज पढ़ें और कंटेंट रेटिंग जरूर देखें।
डिजिटल इंडस्ट्री पर असर
इस फैसले से OTT बाजार में हड़कंप मच गया। Netflix, Amazon Prime जैसे बड़े प्लेयर्स अब और सतर्क हो गए हैं। सरकार IT रूल्स 2021 को सख्ती से लागू कर रही, जिसमें स्व-नियमन की मांग है। हर प्लेटफॉर्म को अपनी सामग्री रेट करनी होगी। कुछ लोग इसे सेंसरशिप बता रहे, लेकिन सरकार का तर्क है कि यह बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी। कानूनी रूप से IT एक्ट की धारा 69A ऐसी कार्रवाई की इजाजत देती है। अदालतें भी अब तक इन्हें समर्थन देती रही हैं।
VPN या दूसरी चालाकियों से इन ऐप्स को एक्सेस करने की कोशिश न करें, क्योंकि मंत्रालय ऐसी हरकतों पर नजर रखे हुए। यह न सिर्फ कानून तोड़ना है, बल्कि साइबर जोखिम भी बढ़ाता।
आगे की राह
यह अभियान डिजिटल इंडिया को स्वच्छ बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता। माता-पिता को बच्चों के स्क्रीन टाइम पर नजर रखनी चाहिए। स्कूलों में डिजिटल साक्षरता पर जोर देना होगा। कुल मिलाकर, सरकार का संदेश साफ है: अश्लीलता बर्दाश्त नहीं। समाज को अब जिम्मेदार बनना होगा।
















