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भारतीयों ने बनाया रिकॉर्ड! हर दिन बिक रही 1 लाख से ज्यादा गाड़ियां, सेल में 18% का भारी उछाल

भारत का ऑटो सेक्टर रिकॉर्ड तोड़ रहा है! जनवरी 2026 में FADA के आंकड़ों से 27.22 लाख वाहनों की रिटेल बिक्री में 17.61% उछाल। चार पहिया 5.13 लाख (+7%), दोपहिया 18.53 लाख (+21%) बिके। छोटे शहरों में SUV क्रेज, ग्रामीण ग्रोथ 14.43%। डीलरों को फरवरी-मार्च में भी तेजी की उम्मीद। जीएसटी 2.0 ने दिया बूस्ट।

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indians increasingly buying vehicles selling over 100000 vehicles daily

भारत का ऑटोमोबाइल उद्योग इन दिनों चरम पर है। चीन और अमेरिका के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा वाहन बाजार बन चुका भारत जनवरी 2026 में रिकॉर्ड तोड़ बिक्री के साथ सुर्खियों में है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी में रिटेल बिक्री सालाना आधार पर 17.61% बढ़कर 27,22,558 यूनिट पहुंच गई, जो जनवरी 2025 के 23,14,940 यूनिट से काफी ऊपर है।

जीएसटी 2.0 और इनकम टैक्स राहत जैसी नीतियों ने इस उछाल को बल दिया है। हर दिन औसतन 87,000 से ज्यादा गाड़ियां बिके, जो बाजार की जबरदस्त भूख को दर्शाता है। डीलर फरवरी-मार्च में भी इसी ट्रेंड की उम्मीद कर रहे हैं।

रिकॉर्ड तोड़ आंकड़े

यह आंकड़ा न सिर्फ पिछले साल को पीछे छोड़ता है, बल्कि कोरोना महामारी के बाद का सबसे मजबूत प्रदर्शन है। चार पहिया गाड़ियों की बिक्री 5,13,475 यूनिट रही, जो पिछले साल के 4,78,915 से 7% अधिक है। दोपहिया सेगमेंट ने सबसे ज्यादा रफ्तार दिखाई, जहां 18,52,870 यूनिट बिकीं- 21% सालाना ग्रोथ के साथ।

मारुति सुजुकी ने 1.74-2.36 लाख यूनिट (कार, यूटिलिटी और एक्सपोर्ट मिलाकर) बेचकर बाजार पर कब्जा जमाया, जबकि टाटा मोटर्स ने 67,000 से ज्यादा यूनिट के साथ 47% उछाल दर्ज किया। SUV गाड़ियां का क्रेज बेकाबू है- टाटा नेक्सन ने 23,365 यूनिट बेचकर टॉप पर जगह बनाई, उसके पीछे हुंडई क्रेटा। जनवरी में कुल 1.57 लाख SUV गाड़ियां बिकीं, जो बाजार की शिफ्ट को साफ दिखाती हैं।

छोटे शहरों ने दिखाया दमखम

FADA अध्यक्ष सीएस विग्नेश्वर ने इसे ‘शानदार मोमेंटम’ करार दिया। दिलचस्प बात यह है कि ग्रामीण और छोटे शहरों में चार पहिया वाहनों की बिक्री 14.43% बढ़ी, जबकि बड़े शहरी इलाकों में सिर्फ 2.75%। फेस्टिव सीजन (नवरात्रि), शादियां और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती ने खरीदारी को बढ़ावा दिया। विग्नेश्वर ने कहा, “SUV और कॉम्पैक्ट SUV की डिमांड छोटे शहरों में सबसे ज्यादा है। बड़े शहरों की तुलना में यहां मांग ज्यादा मजबूत बनी हुई।” यह ट्रेंड बताता है कि मिडिल क्लास का विस्तार अब टियर-2 और टियर-3 शहरों तक फैल चुका है।

कमर्शियल वाहनों में भी तेजी

कमर्शियल वाहनों की बिक्री 15% और थ्री-व्हीलर की 19% उछाल के साथ चमकी। ट्रैक्टर रजिस्ट्रेशन 23% बढ़कर 1,14,759 यूनिट हो गया, जो कृषि क्षेत्र की रिकवरी का संकेत है। FY26 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2025) में पैसेंजर वाहन 10.12 लाख बिके, महाराष्ट्र आगे रहा। दिसंबर 2025 में दोपहिया 39.4% ग्रोथ के साथ 15.41 लाख यूनिट बिके। FADA सर्वे में 79.70% डीलरों को अगले तीन महीनों में बिक्री बढ़ने की उम्मीद है, सिर्फ 1.88% को गिरावट का डर।

आगे की राह में चुनौतियां और मौके

यह बूम पॉलिसी सपोर्ट, नए मॉडल लॉन्च और प्राइस कट से संभव हुआ। कंपनियां EV और SUV पर फोकस कर रही हैं। हालांकि, सप्लाई चेन दबाव और वैश्विक मंदी सतर्कता बरतने को कह रही है। भारत अब न सिर्फ बाजार बल्कि मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की ओर अग्रसर है। डीलरों का भरोसा मजबूत है- यह 2026 के लिए ऑटो सेक्टर को सुपरचार्ज करने वाला है।

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info@ortpsa.in

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