
देश में चलने वाले नोटों को लेकर अक्सर लोगों के मन में सवाल उठते हैं कि आखिर इन्हें छापने में कितना खर्च आता है और ये कहाँ तैयार होते हैं हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, ₹500 के एक नोट की छपाई पर लगभग ₹2.29 का खर्च आता है।
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नोट छापने की लागत कितनी होती है?
RBI के मुताबिक, अलग-अलग मूल्य वर्ग के नोटों की छपाई की लागत भी अलग-अलग होती है, ₹500 का नोट छापने में जहां करीब ₹2.29 खर्च होता है, वहीं अन्य नोटों की लागत उनके साइज, डिजाइन और सिक्योरिटी फीचर्स पर निर्भर करती है।
कहाँ छपते हैं भारतीय नोट?
भारत में करेंसी नोटों की छपाई चार प्रमुख प्रेस में की जाती है। इनमें दो प्रेस RBI की सहायक कंपनी भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड (BRBNMPL) के तहत मैसूर (कर्नाटक) और सालबोनी (पश्चिम बंगाल) में स्थित हैं।
इसके अलावा दो अन्य प्रेस सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (SPMCIL) के अंतर्गत नासिक (महाराष्ट्र) और देवास (मध्य प्रदेश) में हैं।
सुरक्षा फीचर्स पर होता है खास ध्यान
नोटों की छपाई के दौरान कई तरह के अत्याधुनिक सुरक्षा फीचर्स जोड़े जाते हैं, ताकि नकली नोटों पर रोक लगाई जा सके, इसमें वॉटरमार्क, सिक्योरिटी थ्रेड, माइक्रो प्रिंटिंग और विशेष स्याही का इस्तेमाल किया जाता है।
RBI करता है पूरी प्रक्रिया की निगरानी
देश में नोटों की छपाई और वितरण की पूरी प्रक्रिया की निगरानी RBI करता है, बाजार में नकदी की उपलब्धता बनाए रखने और जरूरत के अनुसार नए नोट छापने का काम भी RBI की जिम्मेदारी होती है।
इस तरह, कम लागत में छपने वाले नोट देश की अर्थव्यवस्था में बड़ी भूमिका निभाते हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उच्च तकनीक का उपयोग किया जाता है।
















