
आयकर विभाग (Income Tax Department) ने पैन कार्ड (PAN Card) बनवाने और उसे अपडेट कराने की प्रक्रिया में आमूलचूल बदलाव कर दिया है 1 अप्रैल 2026 से लागू हुए नए नियमों के अनुसार, अब केवल आधार कार्ड (Aadhaar Card) के भरोसे पैन कार्ड नहीं बनवाया जा सकेगा सरकार ने फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए अब अतिरिक्त दस्तावेजों को अनिवार्य कर दिया है।
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क्यों बदला नियम?
अब तक आधार कार्ड के जरिए ई-केवाईसी (e-KYC) कर आसानी से पैन कार्ड बन जाता था लेकिन, टैक्स चोरी और एक से अधिक पैन कार्ड रखने के मामलों को देखते हुए सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है अब पहचान और जन्मतिथि के सत्यापन के लिए आधार के अलावा सहायक दस्तावेजों की भौतिक या डिजिटल जांच जरूरी होगी।
अब इन दस्तावेजों की होगी जरूरत
नए नियमों के मुताबिक, आवेदन के समय अब आपको निम्नलिखित में से कम से कम एक अतिरिक्त दस्तावेज देना होगा:
- जन्मतिथि प्रमाण (DOB Proof): नगर निगम द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं की मार्कशीट, पासपोर्ट, या ड्राइविंग लाइसेंस।
- पहचान और पता प्रमाण: वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट, राशन कार्ड या बिजली/पानी का बिल।
आधार अपडेट करना हुआ अनिवार्य
पैन कार्ड आवेदन से पहले अब यह सुनिश्चित करना होगा कि आपके आधार कार्ड में दर्ज नाम और अन्य जानकारियां पूरी तरह सही हैं, यदि आधार में कोई त्रुटि है, तो पैन का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा साथ ही, विभाग ने पुराने आवेदन फॉर्मों को बंद कर अब नए फॉर्म (जैसे फॉर्म 93 और 94) पेश किए हैं।
आम जनता पर क्या होगा असर?
इस बदलाव से उन लोगों को थोड़ी परेशानी हो सकती है जिनके पास जन्म प्रमाण पत्र या अन्य सहायक दस्तावेज मौजूद नहीं हैं हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इससे वित्तीय लेनदेन में पारदर्शिता आएगी और ‘शेल कंपनियों’ के जरिए होने वाले फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी।
















