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आधार कार्ड वाली जन्मतिथि अब नहीं मान्य! सरकारी योजनाओं के लिए जन्मतिथि का नया सबूत होगा अनिवार्य; UIDAI का बड़ा फैसला

आधार कार्ड की जन्मतिथि अब सरकारी योजनाओं में आयु प्रमाण नहीं मानी जाएगी। अब जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट या अन्य वैध दस्तावेज जमा करना अनिवार्य होगा। UIDAI ने जन्मतिथि बार‑बार बदलने पर भी सख्ती लागू कर दी है।

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भारतीय आधार प्राधिकरण और केंद्र‑राज्य सरकारों के नए निर्णय के बाद आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि किसी भी सरकारी योजना, नौकरी या आयु‑आधारित प्रक्रिया में “आयु प्रमाण” के रूप में अब वैध नहीं रहेगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आधार केवल एक पहचान पत्र के रूप में मान्य है, नागरिकता और न ही जन्मतिथि साबित करने वाला दस्तावेज। इसका मतलब यह है कि सरकारी योजनाओं, नौकरियों, छात्रवृत्तियों और पेंशन में आवेदन करते समय उम्मीदवारों को अलग से जन्म प्रमाण पत्र या अन्य मान्य दस्तावेज जमा करने होंगे।

आधार कार्ड वाली जन्मतिथि अब नहीं मान्य! सरकारी योजनाओं के लिए जन्मतिथि का नया सबूत होगा अनिवार्य; UIDAI का बड़ा फैसला

क्यों बदले गए नियम?

आधार कार्ड बनाते समय हर मामले में जन्म प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य नहीं था, जिस कारण इसमें जन्मतिथि की सही सत्यापन की कमी रही। इसी वजह से आयु‑सीमा वाली योजनाओं में गलत आयु दर्ज करने और फर्जी दावों का खतरा बना रहा। सरकार ने इस असंगति को दूर करने के लिए निर्णय लिया है कि अब जन्मतिथि की पुष्टि के लिए आधार पर भरोसा नहीं किया जाएगा, बल्कि अलग वैध दस्तावेज की जरूरत होगी।

आयु साबित करने के लिए कौन‑कौन से दस्तावेज जरूरी

अब आयु की पुष्टि के लिए निम्न दस्तावेजों में से कम‑से‑कम एक की अनिवार्यता तय की गई है

  • नगर निगम या जन्म रजिस्ट्रीकरण कार्यालय से जारी जन्म प्रमाण पत्र
  • वैध पासपोर्ट, जिसमें जन्मतिथि स्पष्ट रूप से दर्ज हो
  • स्कूल, बोर्ड या विश्वविद्यालय द्वारा जारी प्रमाण पत्र या मार्कशीट, जिसमें जन्मतिथि दर्ज हो
  • राजपत्रित अधिकारी या तहसीलदार द्वारा जारी किया गया आयु प्रमाण पत्र (विशेष मामलों में)

इन दस्तावेजों के बिना केवल आधार कार्ड पर आधारित आयु को आधिकारिक नहीं माना जाएगा, खासकर ऐसी योजनाओं और नौकरियों में जहां 18–25 वर्ष जैसी कड़ी आयु सीमा निर्धारित होती है।

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राज्यों के नए आदेश

कई राज्य सरकारों ने भी अपने स्तर पर निर्देश जारी किए हैं। उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में स्पष्ट किया गया है कि नौकरियों, खेल प्रतियोगिताओं, रोजगार मेलों और अन्य आयु‑आधारित प्रक्रियाओं में आधार कार्ड को जन्मतिथि साबित करने के रूप में नहीं माना जाएगा। इसके बजाय उम्मीदवारों से जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट या अन्य स्वीकृत दस्तावेज मांगे जाएंगे, जिनकी जांच के बाद ही आयु मान्य होगी।

आधार में जन्मतिथि बदलने पर भी सख्ती

UIDAI ने आधार में जन्मतिथि बार‑बार बदलने की प्रक्रिया पर भी कड़ी पाबंदी लगा दी है। अब जन्मतिथि में परिवर्तन के लिए अनिवार्य रूप से जन्म प्रमाण पत्र की पंजीकरण संख्या का सत्यापन किया जाएगा, और बिना वैध दस्तावेजों के बदलाव स्वीकार नहीं होगा। बच्चों के मामले में नियम और कड़े किए गए हैं, जिसमें 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य और 5–18 वर्ष तक के बच्चों के लिए डिजिटल रूप से सत्यापित जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य होगा।

आम जनता पर क्या होगा असर

अब तक जहां केवल आधार कार्ड रखने से आयु‑आधारित योजनाओं और नौकरियों में आवेदन किया जाता था, वहां अब जन्म प्रमाण पत्र जैसा वैध दस्तावेज साथ लाना अनिवार्य होगा। जिन लोगों ने आधार में गलत या उचित दस्तावेज के बिना जन्मतिथि बदलवाई थी, उन्हें भविष्य में आयु‑सीमा वाली योजनाओं और भर्तियों में अस्वीकृति का सामना करना पड़ सकता है। नीति निर्माताओं का मानना है कि यह कदम न केवल योजनाओं की पारदर्शिता बढ़ाएगा, बल्कि वास्तविक लाभार्थियों को भी न्याय दिलाएगा।

Author
info@ortpsa.in

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