
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और औद्योगिक नगरी कानपुर के बीच की दूरी अब इतिहास बनने वाली है, बहुप्रतीक्षित 63 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे (NE-6) का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और ताजा अपडेट के अनुसार, अप्रैल 2026 के पहले सप्ताह में इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
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घंटों का सफर अब मिनटों में
वर्तमान में लखनऊ से कानपुर जाने वाले यात्रियों को भारी ट्रैफिक और जाम के कारण 1.5 से 3 घंटे का समय लगता है। लेकिन इस नए 6-लेन एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद, यह दूरी सिमटकर मात्र 35 से 45 मिनट रह जाएगी। NHAI के अनुसार, इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार 120 किमी/घंटा तक निर्धारित की गई है, जिससे सफर न केवल छोटा बल्कि सुगम भी होगा।
तकनीकी बाधाएं दूर, फिनिशिंग का काम तेज
परियोजना के रास्ते में आ रही सबसे बड़ी बाधा, यानी स्कूटर इंडिया चौराहे के पास का 120 मीटर का एलिवेटेड हिस्सा, अब सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है, मार्च के अंत तक सड़क की फिनिशिंग, लाइटिंग और सुरक्षा टेस्टिंग का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि अप्रैल की शुरुआत में वाहनों को फर्राटा भरने की अनुमति दी जा सके।
सुरक्षा और आधुनिक सुविधाएं
यह एक्सप्रेसवे पूरी तरह से हाईटेक होगा। यात्रियों की सुरक्षा के लिए पूरे रूट पर 80 से अधिक सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए गए हैं, साथ ही, यातायात के सुचारू संचालन के लिए इसमें 5 टोल प्लाजा और आधुनिक मॉनिटरिंग सिस्टम की व्यवस्था की गई है।
बढ़ेगा व्यापार और निवेश
यह एक्सप्रेसवे केवल दो शहरों को ही नहीं जोड़ेगा, बल्कि लखनऊ के अमौसी (शहीद पथ) से कानपुर के आजाद मार्ग तक फैले इस कॉरिडोर से उन्नाव और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक विकास को नई ऊर्जा मिलेगी रियल एस्टेट और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में भी बड़े निवेश की उम्मीद जताई जा रही है।
















