बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के रिजल्ट के बाद छात्रों को बड़ी राहत दी है। यदि आपके अंक उम्मीद से कम हैं या उत्तर पुस्तिका में कोई गलती लग रही है, तो स्क्रूटनी प्रक्रिया आपके लिए बेहतरीन विकल्प है। यह सुविधा 25 मार्च से उपलब्ध होगी और आवेदन का समय 2 अप्रैल तक चलेगा। लाखों छात्रों को इससे फायदा हो सकता है, इसलिए जल्दी कार्रवाई करें।

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स्क्रूटनी क्या है और क्यों जरूरी
स्क्रूटनी उत्तर पुस्तिकाओं की गहन दोबारा जांच है। इसमें शिक्षक न केवल नंबरों की गिनती, बल्कि मूल्यांकन की बारीकियों पर भी नजर डालते हैं। कई बार टोटलिंग या उत्तरों को अनदेखा करने जैसी छोटी चूकें हो जाती हैं, जो अंकों में बड़ा फर्क डाल देती हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स सभी स्ट्रीम में छात्रों के नंबर अक्सर बढ़ जाते हैं। फेल हुए विद्यार्थी भी इससे पास हो सकते हैं, यदि उनके उत्तर सही हैं। यह प्रक्रिया बोर्ड परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करती है।
आवेदन कैसे करें?
आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रोल नंबर और रजिस्ट्रेशन आईडी से लॉगिन करें। स्क्रूटनी सेक्शन चुनें और उन विषयों का चयन करें जहां सुधार की जरूरत है। प्रत्येक विषय के लिए करीब 70 रुपये का शुल्क जमा करें। फॉर्म भरने के बाद रसीद जरूर डाउनलोड करें। यदि ऑनलाइन दिक्कत हो, तो नजदीकी स्कूल या जिला शिक्षा कार्यालय से मदद लें। समय पर आवेदन न करने से मौका हाथ से निकल सकता है।
कंपार्टमेंट परीक्षा साथ में
स्क्रूटनी के इरादे से ही फेल छात्रों के लिए कंपार्टमेंट परीक्षा का पंजीकरण भी खुलेगा। इसमें केवल कमजोर विषयों की दोबारा परीक्षा दी जा सकती है। परीक्षा की तारीखें जल्द घोषित होंगी। छात्रों को सलाह है कि मार्कशीट ध्यान से जांचें और फीस जमा करने से पहले दोबारा सोचें।
महत्वपूर्ण सावधानियां
नकली वेबसाइटों से बचें और केवल आधिकारिक पोर्टल का उपयोग करें। संशोधित रिजल्ट अप्रैल के अंत तक आ सकता है, जिसके बाद नई मार्कशीट जारी होगी। कॉलेज प्रवेश प्रक्रिया पर नजर रखें। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यवस्था छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ाती है। अभिभावक भी सक्रिय रहें और हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।
















