
बिहार के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है, राज्य सरकार और बिहार विद्युत विनियामक आयोग (BERC) ने आगामी वित्तीय वर्ष (2025-26) के लिए बिजली की दरों में कोई भी बढ़ोतरी न करने का निर्णय लिया है इस फैसले से प्रदेश के लगभग 2.22 करोड़ उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।
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कंपनियों का प्रस्ताव खारिज
बिजली वितरण कंपनियों (NBPDCL और SBPDCL) ने घाटे की भरपाई के लिए टैरिफ में वृद्धि का प्रस्ताव दिया था, हालांकि, आयोग ने व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए इस प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया है, सरकार के इस कदम का सीधा लाभ ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों के घरेलू एवं व्यावसायिक उपभोक्ताओं को मिलेगा।
प्रमुख बदलाव और राहत की बातें
- दामों में स्थिरता: 1 अप्रैल से शुरू होने वाले नए वित्तीय वर्ष में बिजली की पुरानी दरें ही लागू रहेंगी।
- ग्रामीण और शहरी दरें समान: आयोग ने ग्रामीण और शहरी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दरों को एकसमान कर दिया है। इससे शहरी उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट ₹1.53 की बड़ी बचत होने का अनुमान है।
- व्यापारियों को राहत: शहरी दुकानदारों के लिए दरें ₹1.20 प्रति यूनिट तक कम होंगी, जबकि ग्रामीण व्यवसायियों को 42 पैसे प्रति यूनिट की राहत मिलेगी।
- मुफ्त बिजली योजना जारी: सरकार की ओर से दी जा रही 125 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा पहले की तरह ही बरकरार रहेगी, जिससे करीब 1.67 करोड़ परिवार लाभान्वित हो रहे हैं।
स्लैब सिस्टम हुआ आसान
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए बिलिंग के ‘स्लैब सिस्टम’ को भी सरल बनाया गया है, अब बिलिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी, जिससे आम लोगों को अपना बिजली खर्च समझने में आसानी होगी।
चुनाव और महंगाई के इस दौर में नीतीश सरकार का यह फैसला एक बड़े ‘मास्टरस्ट्रोक’ के रूप में देखा जा रहा है, इससे न केवल आम जनता को आर्थिक मजबूती मिलेगी, बल्कि छोटे उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
















