
बिहार में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) को लेकर एक बड़ी अपडेट सामने आई है, राज्य सरकार और विभाग ने अपात्र लाभार्थियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए नई ‘रिजेक्शन लिस्ट’ जारी कर दी है, इस कार्रवाई के तहत राज्य के हजारों लोगों का नाम सूची से हटा दिया गया है। अगर आपने भी इस योजना के लिए आवेदन किया था, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
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इन लोगों पर गिरी गाज: आखिर क्यों कटे नाम?
विभाग द्वारा किए गए फिजिकल वेरिफिकेशन (भौतिक सत्यापन) के बाद उन लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है जो योजना के मानकों को पूरा नहीं करते थे। रिजेक्शन लिस्ट में मुख्य रूप से इन श्रेणियों के लोग शामिल हैं:
- संपन्न परिवार: जिनके पास पहले से अपना पक्का मकान या दो मंजिला घर है।
- वाहन मालिक: जिन परिवारों के पास चौपहिया वाहन (कार) या ट्रैक्टर है।
- सरकारी सेवा: परिवार का कोई भी सदस्य यदि सरकारी नौकरी में है या रिटायर्ड पेंशनभोगी है।
- आयकर दाता: जो लोग इनकम टैक्स भरते हैं या जिनकी मासिक आय 15,000 रुपये से अधिक है।
- आधुनिक उपकरण: घर में फ्रिज, लैंडलाइन फोन या 50,000 रुपये से अधिक की लिमिट वाला किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) होना।
बिहार में 35 लाख लाभार्थियों का दोबारा सर्वे
सूत्रों के मुताबिक, बिहार में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लगभग 35 लाख लाभार्थियों के दोबारा सर्वे का आदेश दिया गया है, इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ केवल उन्हीं गरीब परिवारों को मिले जो वास्तव में झोपड़ियों या कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं।
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ऐसे चेक करें रिजेक्शन लिस्ट में अपना नाम
लाभार्थी घर बैठे आधिकारिक पोर्टल के जरिए अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं:
- PMAY-G की आधिकारिक वेबसाइट (pmayg.nic.in) पर जाएं।
- ‘Stakeholders’ सेक्शन में जाकर ‘IAY/PMAYG Beneficiary’ पर क्लिक करें।
- अपना रजिस्ट्रेशन नंबर डालें। यदि नंबर नहीं है, तो ‘Advanced Search’ विकल्प चुनें।
- अपने राज्य (बिहार), जिला, ब्लॉक और पंचायत का चयन कर लिस्ट डाउनलोड करें।
सावधान: किस्त डकारने वालों पर भी कार्रवाई
रिपोर्ट्स के अनुसार, जिन लोगों ने पहली किस्त लेने के बाद भी घर का निर्माण शुरू नहीं किया है, उन्हें ‘सफेद नोटिस’ जारी किया जा रहा है, ऐसे लोगों का नाम भी भविष्य की सूचियों से काटकर रिकवरी की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
















