
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता और क्षेत्रीय संकटों का असर अब भारत के पड़ोसी देशों में साफ दिखने लगा है, ताजा अपडेट के अनुसार, भारत के पड़ोस में स्थित देशों में ईंधन और रसोई गैस की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिससे आम आदमी का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है।
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पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगी आग
पड़ोसी मुल्क में पेट्रोल की कीमतों में 15 रुपये प्रति लीटर तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, इस वृद्धि के बाद परिवहन लागत बढ़ने की आशंका है, जिसका सीधा असर रोजमर्रा की खाने-पीने की वस्तुओं पर पड़ेगा, जानकारों का मानना है कि विदेशी मुद्रा भंडार में कमी और अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण सरकार को यह कड़ा फैसला लेना पड़ा है।
रसोई गैस सिलेंडर ₹300 महंगा
ईंधन के साथ-साथ रसोई गैस (LPG) के दामों ने भी आम जनता को तगड़ा झटका दिया है, घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में 300 रुपये तक का इजाफा किया गया है, इतनी बड़ी बढ़ोतरी के बाद अब मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए चूल्हा जलाना भी चुनौतीपूर्ण हो गया है।
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संकट के पीछे के मुख्य कारण
- वैश्विक तनाव: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण तेल की आपूर्ति बाधित होना।
- आर्थिक अस्थिरता: पड़ोसी देशों में मुद्रा का अवमूल्यन और बढ़ता राजकोषीय घाटा।
- सब्सिडी में कटौती: सरकार द्वारा बजट संतुलित करने के लिए ईंधन पर दी जाने वाली सब्सिडी को कम करना।
इस महंगाई के कारण पड़ोसी देशों के बाजारों में सन्नाटा पसरा है और जनता सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रही है, भारत में भी इन परिस्थितियों पर बारीक नजर रखी जा रही है, क्योंकि पड़ोसी देशों की आर्थिक हलचल का असर क्षेत्रीय व्यापार पर पड़ना तय है।
















