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आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलना अब और भी मुश्किल! बदले गए नए नियम, एक छोटी सी गलती और आपका कार्ड हो जाएगा ब्लॉक

आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलना अब बहुत मुश्किल हो गया। नए सख्त नियमों से सिर्फ एक बार ही संभव। गलती पर कार्ड ब्लॉक, बैंक-सिम रुक सकता है। जन्म प्रमाण पत्र व शपथपत्र जरूरी। पहले जांच लें!

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आधार कार्ड आज हर काम का आधार बन चुका है, लेकिन इसमें जन्मतिथि बदलना अब पहले जैसा आसान नहीं रहा। हाल ही में जारी सख्त दिशानिर्देशों ने इस प्रक्रिया को जटिल बना दिया है। गलत जानकारी या बार-बार कोशिश करने पर कार्ड निष्क्रिय होने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे बैंक खाते, मोबाइल सिम और सरकारी सुविधाएं प्रभावित हो सकती हैं। ये बदलाव धोखाधड़ी रोकने और सिस्टम को मजबूत बनाने के मकसद से लाए गए हैं।

आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलना अब और भी मुश्किल! बदले गए नए नियम, एक छोटी सी गलती और आपका कार्ड हो जाएगा ब्लॉक

नियमों में क्या बदला?

पहले लोग आसानी से जन्म प्रमाण पत्र बनवा कर उम्र में फेरबदल कर लेते थे। अब जन्मतिथि में बदलाव सीमित हो गया है। ज्यादातर मामलों में यह सिर्फ एक बार ही संभव है। पहली बार के बाद अगला अपडेट तभी हो सकता है, जब सुधारित जन्म प्रमाण पत्र और शपथ पत्र साथ में जमा हो। प्रमाण पत्र की मूल पंजीकरण संख्या एक जैसी होनी चाहिए, वरना पुराना रद्द कर नया बनाना बेकार जाएगा। अगर बदलाव ऑपरेटर की गलती से हुआ हो, तो बिना काउंट बढ़ाए सुधार की मनाही है।

क्यों लाए गए ये बदलाव?

कई लोग नौकरी, पेंशन या योजनाओं के फायदे के लिए उम्र कम दिखाने की चाल चलते थे। रेलवे भर्ती या प्रवेश परीक्षाओं में आयु सीमा लांघने पर फर्जी कागजात जमा कर आधार में हेरफेर आम था। अब सत्यापन सख्त होने से ऐसा जाल टूटेगा। फर्जीवाड़ा पकड़े जाने पर आधार बंद हो सकता है। दोबारा सक्रिय करने के लिए बायोमेट्रिक जांच, प्रमाणित जन्म प्रमाण पत्र और शपथ पत्र जरूरी होंगे। ये कदम डिजिटल सिस्टम की भरोसेमंदी बढ़ाएंगे, लेकिन सामान्य नागरिकों को थोड़ी परेशानी जरूर होगी।

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सुधार की पूरी प्रक्रिया

सुधार करने के लिए आपको अपने नजदीकी आधार केंद्र पर जाना होगा, अभी यह काम ऑनलाइन नहीं होता है। आपको इसके लिए 50 रूपए का शुल्क देना होगा। बच्चों को 18 साल तक जन्म प्रमाण पत्र की जरूरत पड़ेगी। पहली अपडेट में पासपोर्ट, मार्कशीट या जन्म प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज चलेगे। आवेदन के बाद URN नंबर से पोर्टल पर स्थिति देखें, प्रक्रिया में 90 दिन लग सकते हैं। गलत तारीख से KYC फेल हो सकता है, जिसका असर बैंकिंग और सिम पर पड़ेगा।

जरूरी कागजात एक नजर में

कागजात का नामकिस काम के लिए
जन्म प्रमाण पत्रपहला या दूसरा बदलाव, बच्चे अनिवार्य
पासपोर्ट या मार्कशीटवैकल्पिक दस्तावेज
शपथ पत्रविशेष परिस्थितियों में
स्व-घोषणासिर्फ केंद्र की गलती पर

क्या करें सावधानी?

उत्तराखंड जैसे क्षेत्रों में अधिकतर लोग सरकार द्वारा शुरू की गई सरकारी योजनाओं पर काफी निर्भर रहते हैं, इसके लिए उन्हें पहले से आने कागजातों की जाँच कर लेनी चाहिए। आप UIDAI की साइट पर जाकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अगर कुछ गलती होती है तो उसे समय पर ठीक कर लें ताकि बाद में किसी काम में दिक्क्त या रूकावट न आए।

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info@ortpsa.in

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