
भारत की भौगोलिक संरचना में नदियों का विशेष स्थान है। जब भी देश की सबसे लंबी नदी की बात आती है, तो हर भारतीय की जुबान पर ‘गंगा’ का नाम सबसे पहले आता है लेकिन जैसे ही सवाल घूमकर भारत की दूसरी सबसे लंबी नदी पर आता है, अधिकांश लोग गलत जवाब दे बैठते हैं सोशल मीडिया से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं तक, 99% लोग अक्सर ‘यमुना’ या ‘ब्रह्मपुत्र’ को इसका जवाब मानते हैं, जो कि पूरी तरह गलत है।
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कौन सी है वो नदी?
सरकारी आंकड़ों और भौगोलिक मापदंडों के अनुसार, गंगा के बाद भारत की दूसरी सबसे लंबी नदी ‘गोदावरी’ है महाराष्ट्र के नासिक जिले के त्रयंबकेश्वर से निकलने वाली यह नदी अपनी विशालता के कारण विशेष महत्व रखती है।
क्यों कहा जाता है ‘दक्षिण गंगा’?
गोदावरी को इसके विशाल जल क्षेत्र और धार्मिक महत्व के कारण ‘दक्षिण गंगा’ या ‘वृद्ध गंगा’ (बूढ़ी गंगा) के नाम से भी जाना जाता है।
- कुल लंबाई: गोदावरी की कुल लंबाई लगभग 1,465 किलोमीटर है।
- बहाव क्षेत्र: यह महाराष्ट्र से शुरू होकर तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा से गुजरती हुई अंत में बंगाल की खाड़ी में जाकर मिलती है।
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लोग कहाँ करते हैं गलती?
अक्सर लोग ब्रह्मपुत्र और सिंधु को दूसरी सबसे लंबी नदी समझने की भूल करते हैं, तकनीकी रुप से ये नदियां लंबी तो हैं, लेकिन इनका एक बड़ा हिस्सा भारत की भौगोलिक सीमा से बाहर (तिब्बत, चीन और पाकिस्तान) बहता है, भारत की सीमा के भीतर बहने वाली दूरी के लिहाज से गोदावरी ही गंगा (2,525 किमी) के बाद निर्विवाद रूप से दूसरे नंबर पर आती है।
भारत की टॉप 3 नदियां (लंबाई के अनुसार)
- गंगा: 2,525 किमी
- गोदावरी: 1,465 किमी
- कृष्णा: लगभग 1,400 किमी
















