
दुनिया के दूसरे सबसे बड़े स्वर्ण उपभोक्ता देश, भारत में सोने की दीवानगी एक बार फिर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, ताजा आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने सोने के आयात पर अपनी तिजोरी खोल दी है, भारत ने इस साल करीब $58 बिलियन (लगभग ₹4.89 लाख करोड़) की भारी-भरकम राशि केवल विदेश से सोना खरीदने में खर्च की है।
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स्विट्जरलैंड बना नंबर-1 पार्टनर
भारत अपनी स्वर्ण जरूरतों के लिए सबसे ज्यादा स्विट्जरलैंड पर निर्भर है, कुल आयात का लगभग 40% से 41% हिस्सा अकेले इसी देश से आता है। आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में स्विट्जरलैंड से $19.6 बिलियन मूल्य का सोना भारतीय बाजारों में पहुंचा इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का नंबर आता है, जिसकी हिस्सेदारी करीब 16% ($16.1 बिलियन) रही दक्षिण अफ्रीका, पेरू और बोलीविया भी भारत के प्रमुख स्वर्ण आपूर्तिकर्ता देशों में शामिल हैं।
अक्टूबर में टूटा आयात का रिकॉर्ड
इस साल अक्टूबर महीने में सोने के आयात ने सभी पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए केवल एक महीने के भीतर भारत ने $14.72 बिलियन (करीब ₹1.30 लाख करोड़) का सोना आयात किया, विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारी सीजन (दीपावली और धनतेरस) की मांग और अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव ने इस आंकड़े को तीन गुना तक बढ़ा दिया है।
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आयात बढ़ने की मुख्य वजहें
बाजार जानकारों के अनुसार, इस भारी उछाल के पीछे दो बड़े कारण हैं:
- कस्टम ड्यूटी में कटौती: सरकार ने बजट 2024 में सोने पर आयात शुल्क (Import Duty) को 15% से घटाकर 6% कर दिया था, जिससे घरेलू बाजार में सोने की आवक तेज हुई।
- वैश्विक कीमतें: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की बढ़ती कीमतों के बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं की मांग में कमी नहीं आई है।
भारत के इस बढ़ते आयात बिल का सीधा असर देश के व्यापार घाटे (Trade Deficit) पर भी देखने को मिल रहा है, जो आर्थिक विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
















