उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड जैसी राज्य सरकारें आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बेटियों की शादी के लिए भारी राहत दे रही हैं। यह शादी अनुदान योजना गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है, जहां ₹20,000 से लेकर ₹51,000 तक की सीधी नकद सहायता बैंक खाते में पहुंचाई जा रही है।
दहेज लोभियों को लगाम लगाने और बाल विवाह रोकने के उद्देश्य से शुरू हुई यह योजना 2026 में भी पूरी ताकत से चल रही है। लाखों परिवारों ने इसका लाभ उठाया है, और अब आप भी जान सकते हैं कि कैसे पात्रता साबित कर ऑनलाइन आवेदन करें।

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योजना का उद्देश्य और लाभ राशि
शादी अनुदान योजना का मूल मकसद समाज के वंचित वर्गों को विवाह जैसे सामाजिक संस्कार के बोझ से मुक्त करना है। खासकर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और बीपीएल परिवारों को निशाना बनाया गया है। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने हाल ही में इसे पुनर्जीवित किया है, जहां अधिकतम ₹51,000 की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए मिलती है।
मध्य प्रदेश में भी यही राशि उपलब्ध है, जबकि उत्तराखंड में थोड़ी भिन्नताओं के साथ समान सहायता दी जाती है। यह राशि न केवल शादी के खर्चे उठाने में मदद करती है, बल्कि परिवार को आर्थिक स्थिरता भी प्रदान करती है। पिछले साल 2025 में आवेदनों की बाढ़ आई थी, और 2026 में भी ट्रेंड जारी है। पंजाब जैसे पड़ोसी राज्यों में भी लड़की विवाह अनुदान जैसी समान योजनाएं चल रही हैं, लेकिन उत्तर भारत में यह सबसे चर्चित है।
कौन आवेदन कर सकता है?
इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ सख्त शर्तें पूरी करनी पड़ती हैं। आवेदक का परिवार संबंधित राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए। वार्षिक पारिवारिक आय उत्तर प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ₹46,080 और शहरी इलाकों में ₹56,460 से कम होनी चाहिए। बीपीएल राशन कार्ड अनिवार्य है। वधू की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और वर की 21 वर्ष होनी चाहिए।
विवाह 90 दिनों के पहले या बाद आवेदन किया जा सकता है। विधवा या तलाकशुदा महिलाओं को भी यह सुविधा मिलती है। एक परिवार से अधिकतम दो बेटियों के लिए ही लाभ उपलब्ध है। अगर परिवार निर्माण श्रमिक बोर्ड से जुड़ा है, तो अतिरिक्त पात्रता बन जाती है। इन शर्तों से योजना का दुरुपयोग रोका जाता है।
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आवश्यक दस्तावेज
आवेदन प्रक्रिया सुचारू रखने के लिए सभी दस्तावेज पहले से तैयार रखें। आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र या आयु प्रमाण पत्र, बीपीएल राशन कार्ड, बैंक पासबुक की कॉपी, विवाह प्रमाण पत्र और पासपोर्ट साइज फोटो जरूरी हैं। अगर आरक्षित वर्ग से हैं, तो जाति प्रमाण पत्र भी लगेगा। उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में श्रमिक पंजीकरण प्रमाण पत्र की मांग हो सकती है। सभी दस्तावेज स्कैन करके 100 केबी साइज में अपलोड करने होते हैं। यह प्रक्रिया डिजिटल होने से पारदर्शी है और भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम करती है।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन है, जो मोबाइल या कंप्यूटर से आसानी से हो जाता है। उत्तर प्रदेश के लिए आधिकारिक वेबसाइट shadianudan.upsdc.gov.in पर जाएं। होम पेज पर नया आवेदन लिंक पर क्लिक करें। फॉर्म में व्यक्तिगत विवरण, परिवार की आय, पति-पत्नी की जानकारी भरें। दस्तावेज अपलोड करें और फॉर्म सबमिट करें।
आपको ट्रैकिंग आईडी मिलेगी, जिससे स्टेटस चेक कर सकेंगे। सत्यापन में 15 से 30 दिन लगते हैं, उसके बाद राशि खाते में आ जाती है। मध्य प्रदेश वालों के लिए mpvivahportal.nic.in और उत्तराखंड के लिए socialwelfare.uk.gov.in पोर्टल हैं। कॉमन सर्विस सेंटर पर मुफ्त सहायता लें। आवेदन मुफ्त है, लेकिन फर्जी दस्तावेज पकड़े गए तो कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
महत्वपूर्ण टिप्स और सावधानियां
2026 में योजना के नियम थोड़े बदल सकते हैं, इसलिए हमेशा आधिकारिक साइट अपडेट चेक करें। सामूहिक विवाह कार्यक्रमों में अतिरिक्त ₹1 लाख तक का लाभ मिल सकता है। अमृतसर या पंजाब निवासियों को अपनी राज्य योजना की जानकारी अलग से लें। समय पर आवेदन करें, क्योंकि बजट सीमित होता है। यह योजना न केवल आर्थिक मदद है, बल्कि सामाजिक समानता की दिशा में बड़ा कदम है। लाखों बेटियां सम्मानजनक जीवन जी रही हैं। अधिक जानकारी के लिए नजदीकी तहसील या ब्लॉक कार्यालय से संपर्क करें।
















