
उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही पेपर वायरल होने की खबरों पर उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है, बोर्ड ने इन खबरों को पूरी तरह भ्रामक और निराधार बताते हुए स्पष्ट किया है कि परीक्षा की शुचिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
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ठगों के खिलाफ कानूनी शिकंजा
भर्ती बोर्ड के अनुसार, कुछ शरारती तत्व और ठग गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, विशेषकर टेलीग्राम के जरिए अभ्यर्थियों को गुमराह कर रहे हैं। लखनऊ के हुसैनगंज थाने में ऐसे तीन टेलीग्राम चैनलों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है, जो 10 से 20 हजार रुपये में पेपर उपलब्ध कराने का झूठा दावा कर रहे थे। बोर्ड ने चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने वालों और ठगी करने वालों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और कंट्रोल रूम से निगरानी
परीक्षा को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए बोर्ड ने हाई-टेक इंतजाम किए हैं:
- रियल-टाइम मॉनिटरिंग: बोर्ड मुख्यालय में दो अत्याधुनिक कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जो प्रदेश के सभी केंद्रों पर सीधी नजर रख रहे हैं।
- सुरक्षा प्रोटोकॉल: परीक्षा केंद्रों पर जैमर, सीसीटीवी और बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की गई है, अभ्यर्थियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे चप्पल पहनकर आएं और किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक गैजेट न लाएं।
हेल्पलाइन नंबर जारी
बोर्ड ने अभ्यर्थियों की सहायता और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने के लिए विशेष हेल्पलाइन जारी की है, अभ्यर्थी WhatsApp नंबर 9454457951 या ईमेल ID satarkta.policeboard@gmail.com पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
अभ्यर्थियों के लिए सलाह
भर्ती बोर्ड ने उम्मीदवारों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी अपुष्ट खबर या पेपर लीक के दावों पर भरोसा न करें, सटीक और आधिकारिक जानकारी के लिए केवल बोर्ड की वेबसाइट uppbpb.gov.in का ही उपयोग करें।
















