सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वायरल खबर ने लाखों बाइक चालकों के होश उड़ा दिए हैं। दावा किया जा रहा है कि चप्पल या स्लीपर पहनकर बाइक चलाने पर पुलिस अब सीधे 1000 रुपये का चालान काट देगी। यह खबर यूट्यूब वीडियो और व्हाट्सएप फॉरवर्ड से तेजी से फैल रही है, जिससे लोग डर के मारे जूते ढूंढने लगे हैं। लेकिन क्या यह सच है या महज अफवाह? एक अनुभवी रिपोर्टर की नजर से इसकी गहराई में उतरते हैं, ताकि आप भ्रम से बच सकें।

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कानून क्या कहता है साफ-साफ?
भारतीय मोटर व्हीकल एक्ट 1988 और इसके 2019 संशोधन में कहीं भी चप्पल पहनकर वाहन चलाने पर सीधे जुर्माने का जिक्र नहीं है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने खुद सोशल मीडिया पर स्पष्ट कर चुके हैं कि चप्पल, बनियान या आधी बाजू शर्ट पहनने मात्र से चालान नहीं कट सकता। यह नियम सुरक्षा से जुड़ा है, न कि कपड़ों के ड्रेस कोड से। पुरानी वायरल पोस्ट और वीडियो अक्सर सेक्शन 184 का हवाला देते हैं, जो असुरक्षित ड्राइविंग को दंडित करता है, लेकिन चप्पल अकेला कारण नहीं बन सकता। कई राज्यों के ट्रैफिक अधिकारियों ने भी पुष्टि की है कि ऐसा कोई नया या पुराना नियम लागू नहीं हुआ।
भ्रम की जड़ कहां है?
यह अफवाह 2022 से घूम रही है, जब कुछ यूट्यूब चैनलों ने बिना स्रोत के 1000-2000 रुपये के चालान की बात शुरू की। लोग हेलमेट न पहनने या ट्रिपल राइडिंग जैसे वास्तविक उल्लंघनों के चालान को चप्पल से जोड़ देते हैं। ट्रैफिक पुलिस कभी सड़क सुरक्षा के नाम पर रोक सकती है, अगर चप्पल से गियर बदलना या ब्रेक लगाना मुश्किल लगे, लेकिन यह व्यक्तिगत फैसला है, न कि कानूनी बाध्यता। उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जैसे जिलों में डीएसपी ने साफ कहा कि चप्पल के लिए चालान का कोई आधार ही नहीं। सोशल मीडिया पर क्लिकबेट टाइटल ने इस भ्रम को हवा दी, जिससे लाखों व्यूज तो बने, लेकिन सच दब गया।
सुरक्षा खतरे की असली कहानी
चालान का डर भले झूठा हो, लेकिन चप्पल पहनना खतरनाक तो है ही। तेज रफ्तार में पैर फिसल सकते हैं, हादसे में चप्पल उतर जाए तो पैरों को गंभीर चोट लगती है। गियरबॉक्स या क्लच संभालना कठिन हो जाता है, खासकर बारिश में। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि लेस वाले जूते या बूट पहनें, जो पकड़ मजबूत रखें। सड़क पर हर साल हजारों दुर्घटनाएं होती हैं, जहां छोटी लापरवाही बड़ी मुसीबत बन जाती है। चालान से बचने की चिंता छोड़ें, जिंदगी बचाने की सोचें। हेलमेट, सीटबेल्ट और सही फुटवियर असली सुरक्षा कवच हैं।
अगर पुलिस रोके तो क्या करें?
पुलिस रुक जाए तो घबराएं नहीं। शांतिपूर्वक पूछें कि कौन सा नियम तोड़ा, और मोटर व्हीकल एक्ट का हवाला दें। चालान रसीद जरूर लें, क्योंकि गलत चालान पर परिवहन विभाग की वेबसाइट से अपील कर सकते हैं। वर्दी का रौब देखकर झुकने की बजाय नियमों का सहारा लें। भविष्य में वायरल न्यूज देखें तो आधिकारिक स्रोत चेक करें, जैसे परिवहन मंत्रालय की साइट या आरटीओ हेल्पलाइन। जागरूक चालक ही सड़क को सुरक्षित बनाएगा।
















