
अगर आप भी अपनी जमा पूंजी पर मिलने वाले ब्याज या अन्य आय पर टीडीएस (TDS) कटने से परेशान रहते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है आयकर विभाग (Income Tax Department) ने टैक्स नियमों में एक बड़ा बदलाव करते हुए दशकों से चले आ रहे फॉर्म 15G और फॉर्म 15H को रिटायर करने का फैसला किया है, अब 1 अप्रैल 2026 से इन दोनों फॉर्म की जगह एक नया एकीकृत ‘फॉर्म 121’ प्रभावी हो गया है।
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क्या है नया नियम?
आयकर नियम, 2026 के लागू होने के साथ ही टैक्स छूट के लिए स्व-घोषणा (Self-declaration) की प्रक्रिया को आसान बना दिया गया है, अब तक 60 साल से कम उम्र के लोगों को फॉर्म 15G और वरिष्ठ नागरिकों को फॉर्म 15H भरना पड़ता था, लेकिन अब उम्र की सीमा को खत्म करते हुए विभाग ने ‘फॉर्म 121’ पेश किया है, जिसे सभी पात्र व्यक्ति जमा कर सकते हैं।
किन पर लागू होगा यह बदलाव?
यह नया नियम मुख्य रूप से उन व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) के लिए है जिनकी वार्षिक आय टैक्स छूट की सीमा से कम है ध्यान रहे कि कंपनियां, फर्में और अनिवासी भारतीय (NRI) इस फॉर्म का उपयोग नहीं कर सकेंगे।
इनकम के इन सोर्स पर नहीं कटेगा TDS
फॉर्म 121 जमा करने के बाद आप निम्नलिखित आय पर टीडीएस कटने से रोक सकते हैं:
- बैंक और पोस्ट ऑफिस फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर मिलने वाला ब्याज।
- ईपीएफ (EPF) से निकासी।
- पेंशन, किराया और बीमा कमीशन।
- शेयरों से मिलने वाला लाभांश (Dividend) और म्यूचुअल फंड की आय।
क्या है प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज?
नए नियमों के अनुसार, फॉर्म 121 जमा करने के लिए पैन (PAN) कार्ड होना अनिवार्य है, इसके साथ ही, अब विभाग हर घोषणा के लिए एक यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (UIN) जारी करेगा। इससे न केवल डेटा की ट्रैकिंग आसान होगी, बल्कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता भी आएगी।
टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि करदाताओं को किसी भी प्रकार की कटौती से बचने के लिए वित्तीय वर्ष की शुरुआत में ही या पहली आय प्राप्त होने से पहले अपने बैंक या संबंधित संस्थान में नया ‘फॉर्म 121’ जमा कर देना चाहिए।
















